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ग्लोबल वॉर्मिंग से निपटने के लिए 200 देशों के बीच एक अहम समझौता हुआ: हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (एचएफसी) का उत्सर्जन होगा 85% तक कम

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अफ्रीकी देश रवांडा में हुए इस समझौते के तहत साल 2045 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 85 फीसदी कमी करने का लक्ष्य तय किया गया है -★ विश्व के करीब 200 देशों ने ग्लोबल वॉर्मिंग में कमी संबंधी एक समझौते पर सहमति जताई है. अफ्रीकी देश रवांडा की राजधानी किगाली में हुए समझौते के मुताबिक साल 2045 तक… Read More

इतिहास बनी पीले पंखों वाली महासीर

दूनघाटी के जलीय जीवन के लिए अच्छी खबर नहीं है। अंधाधुंध शिकार और प्रदूषण के चलते मछलियों की 40 प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं। यहां तक कि पीले पंखों वाली महासीर मछली भी इतिहास बन चुकी है। ये मछली प्रजातियां हुईं विलुप्त टार, टार प्यूटिटोरा, टार चिलीनोइड, पुंटियस यूटोनिया, बेरिनियस बोला, साइजो… Read More

जलवायु समझौते पर भारत के हस्ताक्षर और उसका भारत पर प्रभाव

भारत ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस जलवायु समझौते को मंजूरी की पुष्टि कर दी है। अब इस क्षेत्र में आगे बढ़ना काफी मुश्किल सफ़र हो सकता है। वैश्विक समुदाय को किए गए वादे के मुताबिक, उसे साल 2030 तक अपनी कुल बिजली क्षमता का 40 फीसदी हिस्सा गैर जीवाश्म ईंधन के स्रोतों से सुनिश्चित करना होगा, जो वर्तमान से… Read More

हजार से ज्यादा प्रजातियां लुप्त होने की कगार पर

जूलॉजिकल सोसायटी ऑफ लंदन तथा येल यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पक्षियों की हजार से ज्यादा प्रजातियां लुप्त होने की कगार पर हैं। इसमें सबसे ज्यादा पीड़ित 100 प्रजातियों में से 15 भारत की हैं। बदलती जलवायु के साथ मानवीय हस्तक्षेप के चलते पक्षियों के अस्तित्व पर यह… Read More

घड़ियाल: भारतीय मूल की मगरमच्छ वाली प्रजाति

घड़ियाल वास्तव में मगरमच्छ की प्रजाति का होते हुए भी मगरमच्छ से भिन्न एक जानवर है, जो पूरी तरह से दक्षिण एशियाई और खासकर भारतीय मूल का ही है.  घड़ियाल का नाम घड़ियाल इसके रूप की वजह से ही पड़ा है. दरअसल, इसकी थूथन बहुत लंबी होती है जो अंत में फूलकर घड़े की आकार की दिखाई देने लगती है. इसी वजह से… Read More

पेरिस जलवायु समझौता : भारत ने हामी तो भर दी है लेकिन, असल चुनौती इसके बाद शुरू होती है

पेरिस में हुए जलवायु समझौते पर अमल करते हुए भारत को बहुत बड़ी चुनौतियों से दो-चार होना है. उसे इसकी तैयारी करनी होगी.  Why in news: केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि वह पिछले साल पेरिस में हुए जलवायु समझौते पर दो अक्टूबर को दस्तखत कर देगी. यह फैसला स्वागत योग्य है. यह बताता है कि भारत ग्रीनहाउस… Read More

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा संकट में हैं पक्षियों की यह प्रजातियां

1. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड:- ★ यह दुनिया के सबसे बड़े और वजनदार उड़ने वाले पक्षियों में से एक है।  ★इसकी ऊंचाई करीब एक मीटर और वजन लगभग 15 किलोग्राम होता है।  ★यह भूरे रंग का होता है और इसके सिर पर काले रंग का ताज होता है।  ★यह पक्षी सिर्फ भारत और पाकिस्तान में ही पाया जाता है।  =>कैसे पड़े खतरे में… Read More

जैव विविधता के विलुप्ता के कारण

★प्राकृतिक कारण :-  क्रमिक विकास की प्रक्रिया के दौरान नई प्रजातियां उत्पन्न होती हैं और वे उस समय विलुप्त हो जाती हैं, जब वे बदलती परिस्थितियों पर जीवित नहीं रह पातीं।   कोई विशिष्ट प्रजाति अपने अस्तित्व में आने के एक करोड़ साल बाद विलुप्त हो जाती है। हालांकि कुछ प्रजातियां, जिन्हें जीवित जीवाश्म… Read More

भूजल प्रदूषण, अंधाधुंध दोहन गंभीर चुनौती, सरकार ने सुधार के लिए कमर कसी

 भूजल पर सिंचाई, ग्रामीण एवं शहरी पेयजल आवश्यकताओं के लिए उसके अंधाधुंध दोहन के कारण उत्पन्न गंभीर चुनौती के बीच सरकार ने इससे निपटने के लिए  1.राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना को आगे बढ़ाने,  2. राष्ट्रीय भूजल सुधार कार्यक्रम,  3. समग्र जल सुरक्षा के लिए उसे मनरेगा से जोड़ने,  4. जल क्रांति और अन्य… Read More

केन और बेतवा नदियां जुड़ेंगी

उत्तर प्रदेश से निकलने वाली केन और मध्य प्रदेश से निकलने वाली बेतवा नदी को आपस में जोड़ा जएगा इससे पूरे बुंदेलखंड को पानी दिया जाएगा। इससे दोनों राज्यों की छह लाख हेक्टेयर कृषि भूमि इस योजना से सिंचित होगी
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