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ई-कचरे से जूझता भारत (e-waste and india)

ewaste
What is e waste?  ई-कचरे के अंतर्गत वे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आते हैं, जिनकी उपयोगिता समाप्त हो चुकी है। Ø  देश के ज्यादातर शहरी घरों में एक दो बेकार मोबाइल फोन या लैपटॉप की खराब बैटरी जरूर मिल जाएगी। ये चीजें घर में इसलिए पड़ी रहती हैं, क्योंकि उनका किया क्या जाए यह उनके मालिकों को… Read More

जलवायु परिवर्तन से बढ़ गया मिट्टी के क्षरण का जोखिम

climate chanage and soil erosion
#Business_Standard Facts: करीब 12 करोड़ हेक्टेयर जमीन यानी देश के कुल भूमि क्षेत्रफल का करीब 37 फीसदी हिस्सा किसी न किसी स्तर पर निम्नीकृत हो चुका है। इसकी बड़ी वजह पानी के बहाव के चलते होने वाला मृदा अपरदन है। हरेक साल एक वर्ग किलोमीटर इलाके में औसतन 1,535 टन मिट्टी नष्ट हो जाती है। मिट्टी… Read More

आपदा को आमंत्रण invitation to disaster

invitation to disaster
  #Dainik_Tribune राजनेताओं की अदूरदर्शिता और प्राकृतिक संसाधनों की बंदरबांट के लिये वैज्ञानिक रिपोर्ट को किस तरह नजरअंदाज किया जाता है, उसका ज्वलंत उदाहरण धूल फांकती गाडगिल पैनल की रिपोर्ट है। जिसका खमियाजा किसी हद तक केरल में बाढ़ की तबाही है, जिसमें एक घटक मानवीय हस्तक्षेप भी है। दरअसल,… Read More

नदी प्रबंधन पर गंभीर हों सरकारें

river management
#Dainik_Tribune देश में मानसून की शुरुआती बारिश ने अभी से कहर बरपाना आरंभ कर दिया है। देश के पांच राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, असम और केरल के 93 जिले बाढ़ की भीषण चपेट में हैं। इन पांच राज्यों में बाढ़ से अभी तक कुल मिलाकर 500 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं। इनके अलावा राजस्थान,… Read More

शहरी विकास का बदरंग चेहरा

urban design
शहरी विकास का बदरंग चेहरा #Dainik_Jagran पृथ्वी परिवार पर अस्तित्व का संकट है। दक्षिण एशिया बढ़ते भूमंडलीय ताप का निशाना है। भारत इसी क्षेत्र का प्रमुख हिस्सा है। Fact related to Climate Change and its effect भारत में 2018 की पहली छमाही में ही 50 आंधी तूफान आ चुके हैं। संपदा की भारी क्षति के… Read More

जमीन और पानी के कुप्रबंधन से आते जा रहे हैं तूफान

mismanagement of land and water and cyclone
#Business_Standard इस वर्ष अप्रैल और मई यानी केवल दो महीनों में देश के 16 राज्यों में 50 से अधिक तूफान आए, जिनमें 500 से अधिक लोगों की जान गई और कई एकड़ की फसल बरबाद हुई। यह सामान्य तो कतई नहीं लगता है। या फिर तूफान इतने आम हो गए हैं? ये तूफान हमें चेतावनी दे रहे हैं कि हमारी दुनिया में कुछ गलत… Read More

प्लास्टिक का खतरा हर तरफ

plastic
  #Patrika वर्ष 1972 से हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस बार पर्यावरण दिवस पर भारत वैश्विक मेजबान है और संकल्प है दुनिया को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने का। पिछले वर्ष दिसंबर में राष्ट्रसंघ की तीसरी पर्यावरण एसेम्बली में 193 देशों ने विश्व को प्लास्टिक प्रदूषण से… Read More

मौसम में बदलाव के चलते 2050 तक भारत के 60 करोड़ लोगों का जीवन स्तर गिर जाएगा : विश्व बैंक

environment
  मौसम में अनियंत्रित रूप से हो रहे बदलाव के चलते 2050 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को 2.8 फीसदी की चपत लग सकती है. इतना ही नहीं, इससे भारत के 60 करोड़ लोगों के रहन-सहन का स्तर भी गिर सकता है. इसके अलावा इस बदलाव से आने वाले सालों में देश की आर्थिक खपत 10 प्रतिशत तक कम हो सकती… Read More

सार्वजनिक तेल कंपनियों को सप्लारई के लिए इथनॉल मूल्य की समीक्षा को मंजूरी

ethanol price policy
In news केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने इथनॉल युक्‍त पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम चलाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा इथनॉल खरीद व्‍यवस्‍था बनाने – सार्वजनिक तेल कंपनियों को सप्‍लाई के लिए इथनॉल मूल्‍य की समीक्षा को मंजूरी दे दी है। सीसीईए ने अब… Read More

जलवायु परिवर्तन : Impact which we can see in future

climate change
  जलवायु परिवर्तन को लेकर 2015 में हुए पेरिस समझौते से अमेरिका हाथ पीछे खींच चुका है. इस अहम समझौते में औसत वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी को दो डिग्री से कम रखने पर सहमति बनी है. बल्कि कोशिशें होनी हैं कि इस बढ़ोतरी को 1.5 डिग्री तक ही सीमित कर दिया जाए. लेकिन सम्मेलन से पहले इन 185 देशों ने… Read More
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