राष्ट्रपति ने बैंकों के फंसे हुए कर्ज (एनपीए) की समस्या से निपटने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी

  • राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने  फंसे हुए कर्ज (एनपीए) की समस्या से निपटने के लिए लाए गए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है.
  • इस अध्यादेश के जरिए बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट (1949) में संशोधन किया गया है. इसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को पहले से अधिक अधिकार दिए गए हैं.

इस अध्यादेश के मुताबिक :-

- आरबीआई बैंकों को डिफॉल्टरों के खिलाफ 2016 के ‘इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड’ (किसी को दिवालिया घोषित करने से संबंधित नियम)’ के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दे सकता है.

क्या होता है सीआरएआर (पूंजी पर्याप्ता अनुपात)

पूंजी पर्याप्ता अनुपात / कार 

- यह बैंक की पूंजी को मापने का एक तरीका है। यह वास्तव में बैंक की जोखिम वाली पूंजी का प्रतिशत बताता है।

- इस अनुपात का इस्तेमाल जमाकर्ताओं के धन की सुरक्षा और वित्तीय तंत्र के स्थायित्व के लिये किया जाता है।

- डिपॉजिट को नुकसान पहुंचाए बगैर लोन बुक पर बैंक कितना घाटा उठा सकता है, पूंजी पर्याप्ता अनुपात से इसका पता चलता है।

अगर यह अनुपात ज्यादा है तो इससे जमाकर्ताओं का जोखिम कम होता है। 

- यह बैंक की जोखिम भारित क्रेडिट को प्रतिशत के रूप में व्यक्त करता है।

अगला बजट जनवरी में?

केंद्र सरकार वित्त वर्ष की मौजूदा अवधि में बदलाव करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यानी वह वित्त वर्ष जनवरी में शुरू करके दिसंबर में समाप्त करना चाहती है। अभी सरकार का वित्त वर्ष अप्रैल में शुरू होकर मार्च में समाप्त होता है।

इसकी शुरुआत अगले साल आम बजट से होगी जिसे एक महीने पहले जनवरी में पेश किया जा सकता है। यह वित्त वर्ष में बदलाव के लिए जमीन तैयार करेगा।

भारत को भेजे जाने वाले पैसे/ रेमिटेंस में कमी आई लेकिन इस मामले में अब भी नंबर वन : विश्व बैंक (World Bank) रिपोर्ट

  ★   विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशों में काम कर रहे भारतीयों द्वारा अपने घर यानी भारत भेजे जाने वाले पैसे (रेमिटेंस) में बीते साल 8.9 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.
★ हालांकि इस गिरावट के बावजूद भारत विदेशों से इस तरह की मनीऑर्डर राशि हासिल करने वाले देशों में पहले स्थान पर बना हुआ है.

★ विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अनुसार विकासशील देशों को भेजे जाने वाले विदेशी मनीऑर्डर में 2016 में लगातार दूसरे साल गिरावट आई. तीस साल में पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया.

2022 में जर्मनी को पछाड़कर भारत दुनिया की होगी चौथी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था : IMF

★एक तरफ जहां दुनिया की दिग्‍गज अर्थव्‍यवस्‍थाएं एक के बाद एक ढह रही हैं और उनका रसूख कमजोर होता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का सितारा बुलंदी की तरफ बढ़ता जा रहा है.

★ कुछ इसी तरह का आंकड़ा अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ताजा रिपोर्ट में पेश किया गया है. 

पंचवर्षीय योजना खत्म, 3 साल का ऐक्शन प्लान लाएगी केंद्र सरकार

★ केंद्र सरकार देश के समग्र विकास और ग्रोथ के लिए तैयार हो रही है। इसके लिए एक ऐक्शन प्लान बनाया गया है। इसे नीति आयोग ने राज्यों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ चर्चा के बाद तैयार किया है। 
★इस प्लान को आयोग की गवर्निंग काउंसिल के सामने पेश किया गया, इसके बाद सरकार इस पर अमल शुरू करेगी। 

★नीति आयोग के चेयरमैन प्रधानमंत्री ने इस मीटिंग की अध्यक्षता की। यह मीटिंग दो साल के बाद हो रही है।

एफआरबीएम समिति: 2023 तक हो 2.5 फीसदी राजकोषीय घाटा

- राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) समिति ने 6 साल के मध्यावधि राजकोषीय खाके के तहत इसके आखिर में 2022-23 तक

आधार पे सर्विस: कैशलैस के बाद अब कार्डलैस की बारी, फिंगरप्रिंट से होंगे सभी पेमेंट

★ नोटबंदी के बाद सरकार ने कैशलैस भुगतान (डेबिट-क्रेडिट कार्ड) को बढ़ावा दिया और अब सरकार कार्डलैस भुगतान की राह पर है। 
★14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के मौके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधार पे सर्विस की शुरुआत की। 
★इसके अंतर्गत उपभोक्ता फिंगरप्रिंट के जरिए पेमेंट कर पाएंगे। इसके लिए यूजर का बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना आवश्यक है। 

पेट्रोल पंप्स के साथ छोटी खुदरा दुकानों पर भी मिलेगी सविधा: