टैल्गो ट्रेन: प्रमुख तथ्य

★टैल्गो कंपनी की ट्रेन भारत में सर्वाधिक तेज गति से दौड़ने वाली ट्रेन बन गई है। भारतीय रेल इसका ट्रायल रन कर रही है और अब तक सफलता के चलते माना जा रहा है कि इसे जल्द ही भारतीय रेल अपने बेड़े में शामिल करे।

 1. स्पेन की टैल्गो कंपनी ने भारत की वर्तमान पटरियों पर अपनी हल्की और तेज चलने वाली ट्रेनों को दौड़ाने के लिए प्रयास स्वरूप इजाजत दी है। इस काम के लिए कंपनी को कोई पैसा नहीं दिया जाएगा।

2. रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि टैल्गो ट्रेनें को बिना किसी बदलाव के भारतीय पटरियों पर 160-200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाया जा सकता है।

ऑपरेशन ‘संकट मोचन’

  • दक्षिण सूडान में जारी गृह युद्ध में फंसे सैकड़ों भारतीयों को सुरक्षित निकालने का अभियान
  • ‘संकट मोचन’ का उद्देश्य लगभग तीन सौ भारतीयों को दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा से सुरक्षित बाहर निकालना है।
  • ऑपरेशन संकट मोचन में भारतीय वायुसेना के दो सी-17 जहाज का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • सिर्फ उन भारतीयों को बाहर निकाला जाएगा जिनके पास वैध भारतीय यात्र दस्तावेज होगा। 

भारत ने नाइजीरिया में स्थापित किया परिधान उद्योग के लिए प्रशिक्षण केंद्र

भारत ने नाइजीरिया में एक परिधान प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया ताकि उस पश्चिमी अफ्रीकी देश में कपड़ा उद्योग को मदद की जा सके।

केरला में जंक फूड पर fat टैक्स

केरल बजट में उन रेस्तरां पर 14.5 प्रतिशत फैट टैक्स (मोटापा कर) लगाने का प्रस्ताव किया है जो बर्गर, पिज्जा और पास्ता जैसे जंक फूड बेचते हैं।

भारत का NSG में शामिल होना क्यों ज़रूरी है? एनएसजी में शामिल होने से देश क्या फायदे होंगे?

  • भारत का NSG में शामिल होना क्यों ज़रूरी है? दरअसल हमारे देश में उर्जा की ज़रूरतें बढ़ती जा रही हैं. और उसे पूरा करने के लिए संसाधनों की भारी कमी है. सरकार मानती है कि परमाणु उर्जा के उत्पादन को बढ़ाना बेहतर विकल्प है. इसीलिए भारत का NSG में शामिल होना जरूरी है.
  • न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में शामिल होने का रास्ता भारत के लिए उस वक्त खुला जब 2008 में अमेरिका से न्यूक्लियर डील हुई. सवाल ये है कि भारत के लिए NSG में शामिल होना इतना ज़रूरी क्यों है?

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"डॉ. अम्बेडकर जीवन दर्शन" (Most Imp For All Exams including UPSC and PSC)

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का मूल नाम भीमराव था। उनके पिताश्री रामजी वल्द मालोजी सकपाल महू में ही मेजर सूबेदार के पद पर एक सैनिक अधिकारी थे। अपनी सेवा के अंतिम वर्ष उन्‍होंने और उनकी धर्मपत्नी भीमाबाई ने काली पलटन स्थित जन्मस्थली स्मारक की जगह पर विद्यमान एक बैरेक में गुजारे। सन् 1891 में 14 अप्रैल के दिन भीमराव का जन्म हुआ। कबीर पंथी पिता और धर्मपरायण माता की गोद में बालक का आरंभिक काल अनुशासित रहा।

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शंका समाधान

शंका समाधान के अंतर्गत अभ्यर्थियों की शंकाओं का समाधान किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान प्रत्येक परीक्षार्थी के मन में कई तरह की शंकाएं जन्म लेती हैं। ये शंकाएं परीक्षा के प्रकार से सम्बंधित, प्रश्नों से सम्बंधित अथवा विभिन्न कॉन्सेप्ट्स और अवधारणाओं की समझ से सम्बंधित हो सकते हैं। GS Hindi के इस प्रखंड में हम ऐसी ही समस्त शंकाओं और समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए जरुरी है कि आप अपनी शंकाओं को हमसे साझा करें, ताकि हम उन शंकाओं का समाधान प्रस्तुत कर सकें। 

विश्व पृथ्वी दिवस

  • विश्‍व भर में 22 अप्रैल का विश्‍व पृथ्‍वी दिवस मनाया जाता है
  • पृथ्वी दिवस की स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन के द्वारा 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप में की गयी थी। 
  • इस दिन तमाम तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों से लेकर बुजुर्गों,समाज के सभी वर्ग के लोगों को इस दिशा में जागरुक करने का प्रयास किया जाता है.

कोहिनूर(kohinoor) की कहानी

1. प्राचीन भारत की शान कोहिनूर हीरे की खोज भारत के आंध्रप्रदेश राज्य के गोलकुंडा की खदानों में हुई थी। एक समय इसे दुनिया का सबसे बड़ा हीरा माना जाता था।

2. 1739 में फारसी शासक नादिर शाह भारत आया और उसने मुगल सल्तनत पर आक्रमण कर दिया। इस तरह मुगल सल्तनत का पतन हो गया और नादिर शाह अपने साथ तख्ते ताउस और कोहिनूर हीरों को पर्शिया ले गया। उसने इस हीरे का नाम कोहिनूर रखा।