विश्व का आठवां महाद्वीप हो सकता है जीलैंडिया

Geographic Location:

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व में दक्षिण पश्चिम प्रशांत महासागर के 40.9 लाख वर्ग किलोमीटर लंबे पानी में डूबे हुए क्षेत्र के रूप में की है।

किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बड़े सुधारों की योजना

सन्दर्भ: अशोक दलवई समिति के सुझाव

  • केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के अपने लक्ष्य को पूरा करने को लेकर आगे बढ़ रही है।
  • केंद्र सरकार की ओर से बनायी गयी एक समिति कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों पर विचार कर रही है।

=>समिति का कार्यक्षेत्र:-

जानें क्यों आता है भूकंप और इससे कैसे बचें"

भू-वैज्ञानिकों ने भूकंप के खतरे को देखते हुए देश के हिस्सों को सीस्मिक जोन में बांटा है. 
★सबसे कम खतरा जोन 2 में है और सबसे ज्यादा जोन 5 में है. दिल्ली जोन 4 में है, यहां रिक्टर पैमाने पर 6 से ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप भारी तबाही मचा सकता है. जोन 4 में मुंबई, दिल्ली जैसे शहर हैं. 
★इनके अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पश्चिमी गुजरात, उत्तर प्रदेश के पहाड़ी इलाके और बिहार-नेपाल सीमा के इलाके इसमें शामिल हैं. यहां भूकंप का खतरा लगातार बना रहता है.

चेन्नई, अहमदाबाद और वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने में सहायता करेगा जापान

  • जापान ने स्मार्ट सिटी के रूप में चेन्नई, अहमदाबाद और वाराणसी के विकास कार्यों से जुड़ने का निर्णय लिया है।  
  • अब तक कई प्रमुख देश 15 स्मार्ट शहरों के विकास से जुड़ने के लिए आगे आ चुके हैं।                                              
  • इनमें ये शामिल हैं:--                         
  • व्यापार विकास एजेंसी (यूएसटीडीए)- विशाखापत्तनम, अजमेर एवं इलाहाबाद ।
  • UK:पुणे, अमरावती (आंध्र प्रदेश) एवं इंदौर। 
  • France: चंडीगढ़, पुडुचेरी एवं नागपुर और
  • जर्मनी - भुवनेश्वर, कोयंबटूर एवं कोच

तटो पर बसे शहरों को चक्रवातो से बचाव के उपाय

उष्ण कटिबंधीय चक्रवात अपनी उग्रता और नुकसान के लिए जाने जाते है परन्तु हाल ही में जलवायु परिवर्तन से वो और खतरनाक हो गए है जहाँ  चक्रवात की आवृत्ति की अपेक्षा उसकी तीव्रता बढी है जिससे उनके नुकसान पहुचाने की क्षमता में वृदि हुई है और यह सीधे तौर पर तटों पर बसे भारतीय शहरों को अधिक नुकसान पहुंचाता सकता है  । चक्रवात को रोक नहीं सकते, लेकिन इसके प्रभाव से बचने के लिए कुछ कदम उठाया जा सकता है जिससे जान-माल का हानि कम हो, जो निम्न है:-

सभी जल विवादों के लिए एक ही न्यायाधिकरण

केंद्र ने सभी अंतरराज्यीय नदी जल विवादों को निपटने के लिए एक ही स्थायी न्यायाधिकरण गठित करने का फैसला किया है। 
★उद्देश्य:- इसका मकसद विवादों को तेजी से निपटारा करना है।
- ज्ञात हो कि इस समय विभिन्न विवादों के लिए कई अलग-अलग न्यायाधिकरण है।  
★केंद्र ने इसके साथ ही जरूरत के हिसाब से विवादों पर गौर करने के लिए कुछ पीठ स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। 
★न्यायाधिकरण के विपरीत, यह पीठ विशेष विवाद सुलझ जाने के बाद अस्तित्व में नहीं रहेगी। इसके लिए सरकार अंतरराज्यीय जल विवाद अधिनियम 1956 में संशोधन कर करेगी। 

सुनामी क्या है और समुद्र तटीय इलाके क्यों इसकी ज़द में आते हैं?

जापान में मार्च 2011 में आए जबरदस्त भूकंप के बाद सुनामी की खौफनाक तस्वीरें अब भी लोगों के जेहन में बसी हैं. फिर एक बार फिर जापान के फुकुशिमा शहर के पास भूकंप के झटके महसूस किए गए.

इससे पहले 2004 में दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में भी शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्री हलचल से भारी तबाही मची थी. आपको बताते हैं सुनामी से जुड़े कुछ तथ्य और आखिर क्यों भूकंप के बाद समुद्र तटीय इलाका इसकी चपेट में आ जाता है.

ला-नीना' की ज़द में दुनिया, इस बार सर्दियां होंगी लंबी

पिछले दो-तान सालों की रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बाद इस साल पूरे दुनिया में सर्दी अपना असर दिखाएगी. इसकी वजह प्रशान्त महासागर में ला-नीना की हलचल है जिसके और ज्यादा फैलने की आशंका बढ़ रही है.

What is La nina

अल नीनो जिसका सम्बंध भारत में सूखे, बाढ़ और गर्मी से है और इसी के उलट ला-नीना है. प्रशान्त महासागर में बनने वाला अल नीनो और ला-नीना पूरे विश्व के तापमान को प्रभावित करता है।

मेट कोक पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी के खिलाफ देसी स्टील निर्माता

Why in News:

देसी स्टील निर्माताओं ने सरकार से कहा है कि वह मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया व चीन से आयातित मेटलर्जिकल कोक पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी न लगाए क्योंकि वाणिज्य मंत्रालय ने ऐसे आयात पर 25 डॉलर प्रति टन का शुल्क लगाने की सिफारिश की है|

Why this opposition:

 मेट कोक पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाए जाने से भारत में स्टील क्षेत्र की लागत बढ़ जाएगी। यह शुल्क लगाए जाने से तैयार स्टील की कीमत 700-1500 रुपये प्रति टन बढ़ जाएगी। मेट कोक की कीमत जनवरी 2016 के 121 डॉलर प्रति टन के मुकाबले बढ़कर अभी 285 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई है।

चंद्रभागा नदी

  • पुराणों में वर्णित सरस्वती नदी की भारत के पश्चिमोत्तर हिस्से में मौजूदगी की पुष्टि की। इसके बाद अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के वैज्ञानिकों ने एक और ‘विलुप्त’ भारतीय नदी के साक्ष्य पाने का दावा कर रहे हैं।
  • इस प्राचीन नदी का नाम चंद्रभागा है और माना जा रहा है कि 13वीं शताब्दी में बने कोणार्क के सूर्य मंदिर से दो किलोमीटर की दूरी पर इसका अस्तित्व था।
  • पौराणिक कहानियों में इस मंदिर के आसपास चंद्रभागा नदी की मौजूदगी का संकेत मिलता है। चित्रों व तस्वीरों में भी नदी को दर्शाया गया है।