अंतरदेशीय जल मार्ग राष्ट्रीय कनेक्टिविटी में एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।

जहाँ दुनिया भर के बंदरगाहों ने नुकसान दर्ज किया है, वहीँ भारतीय बंदरगाहों ने 2.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और लगभग 6000 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है।

जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में खाद्य सुरक्षा और पोषण

सन्दर्भ :- विश्व की आबादी में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए दुनिया भर में खाद्य उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत

2050 तक विश्व की आबादी लगभग 9.5 अरब हो जाएगी, जिसका स्पष्ट मतलब है कि हमें दो अरब अतिरिक्त लोगों के लिए 70 प्रतिशत ज्यादा खाना पैदा करना होगा। इसलिए खाद्य और कृषि प्रणाली को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाना होगा और ज्यादा लचीला, उपजाऊ व टिकाऊ बनाने की जरूरत होगी। इसके लिए प्राकृतिक संसाधनों का उचित इस्तेमाल करना होगा और खेती के बाद होने वाले नुकसान में कमी के साथ ही फसल की कटाई, भंडारण, पैकेजिंग और ढुलाई व विपणन की प्रक्रियाओं के साथ ही जरूरी बुनियादी ढांचा सुविधाओं मे

अमेरिका को पीछे छोड़ भारत 2020 तक कोयला उत्पादन में बनेगा दूसरे नंबर का देश

कोयला उत्पादन के क्षेत्र में भारत के लिए एक अच्छी खबर है। भारत कोयला उत्पाcoal_reserveदन के मामले में जल्द ही अमेरिका को पछाड़ देगा। बाजार विश्लेषक बीएमआई की एक रिसर्च बताती है कि साल 2020 तक भारत अमेरिका को पछाड़ कोयला उत्पादन के मामले में चीन के बाद नंबर दो देश बन जाएगा।

पानी पर लगी यह आग देश को झुलसा रही है; समस्या के कारण और समाधान के सुझाव

सन्दर्भ- कावेरी जैसे विवादों के समाधान के लिए एक राष्ट्रीय जल आयोग बनना चाहिए. हिंदुस्तान टाइम्स का संपादकीय

इस्राइल ने सुझाया उपाय, जिससे सुलझ सकता है दशकों पुराना कावेरी विवाद" (माइक्रो ड्रिप इरिगेशन')

पिछले कई सालों से कर्नाटक और तमिलनाडु, कावेरी के पानी को लेकर आमने सामने है. दशकों से चला आ रहा यह विवाद तब और गंभीर हो गया जब इस साल कर्नाटक में मॉनसून में भारी कमी देखी गई. 

♂लेकिन इसके साथ ही जानकारों ने यह चिंता भी जताई है कि बारिश में लगातार कमी के बावजूद इन राज्यों में उन फसलों को उगाया जा रहा है जिसमें पानी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है.

क्या है सिंधु जल समझौता? और सिंधु जल समझौते के प्रावधान।

सिंधु नदी का इलाका करीब 11.2 लाख किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. ये इलाका पाकिस्तान (47 प्रतिशत), भारत (39 प्रतिशत), चीन (8 प्रतिशत) और अफ़गानिस्तान (6 प्रतिशत) में है.
एक आंकड़े के मुताबिक करीब 30 करोड़ लोग सिंधु नदी के आसपास के इलाकों में रहते हैं.

=>>सिंधु जल समझौते की प्रमुख बातें :-
1. समझौते के अंतर्गत सिंधु नदी की सहायक नदियों को पूर्वी और पश्चिमी नदियों में विभाजित किया गया. सतलज, ब्यास और रावी नदियों को पूर्वी नदी बताया गया जबकि झेलम, चेनाब और सिंधु को पश्चिमी नदी बताया गया.

भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों का एटलस जारी: देश के सिर्फ साढ़े चार फीसद भवन ही भूकंपरोधी

देश के सिर्फ साढ़े चार फीसद भवन ही भूकंपरोधी हैं, बाकी भूकंप की स्थिति में जोखिमपूर्ण साबित होंगे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने  भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों का एटलस जारी कर खतरे से आगाह किया। 

भूजल प्रदूषण, अंधाधुंध दोहन गंभीर चुनौती, सरकार ने सुधार के लिए कमर कसी

 भूजल पर सिंचाई, ग्रामीण एवं शहरी पेयजल आवश्यकताओं के लिए उसके अंधाधुंध दोहन के कारण उत्पन्न गंभीर चुनौती के बीच सरकार ने इससे निपटने के लिए 
1.राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना को आगे बढ़ाने, 
2. राष्ट्रीय भूजल सुधार कार्यक्रम, 
3. समग्र जल सुरक्षा के लिए उसे मनरेगा से जोड़ने, 
4. जल क्रांति और अन्य गतिविधियों को आगे बढ़ाने की पहल की है।

Growndwater situation in India:

केन और बेतवा नदियां जुड़ेंगी

  • उत्तर प्रदेश से निकलने वाली केन और मध्य प्रदेश से निकलने वाली बेतवा नदी को आपस में जोड़ा जएगा
  • इससे पूरे बुंदेलखंड को पानी दिया जाएगा।
  • इससे दोनों राज्यों की छह लाख हेक्टेयर कृषि भूमि इस योजना से सिंचित होगी