मॉडल शॉप्स एंड इस्टेब्लिशमेंट विधेयक 2016 : चौबीस घंटे खुल सकेंगी दुकानें, मॉल और सिनेमा हॉल"

- दुकानें, मॉल और सिनेमा हॉल सहित विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठान अब रोजाना 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुल सकेंगे। सरकार ने लंबित सुधारों को लागू करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाते हुए मॉडल शॉप्स एंड इस्टेब्लिशमेंट विधेयक 2016 के मसौदे को मंजूरी दी है।

- केंद्र अब यह विधेयक राज्यों के पास भेजेगा और जो भी प्रदेश सरकार इसे कानून का रूप देगी, वहां दुकानें 24 घंटे खुलने का रास्ता खुल जाएगा। ऐसा होने पर न सिर्फ आम लोगों को सुविधा होगी बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मानसून सत्र में जीएसटी पास होने की उम्मीदें, तमिलनाडु को छोड़ बाकी राज्य राजी

★ लंबे समय तक लटकने के बाद इस बार के मानसून सत्र में जीएसटी के पास होने के आसार बढ़ गए हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कोलकाता में देश के 22 राज्यों के वित्त मंत्रियों व शेष 7 के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की.
★ इस बैठक में पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से लाया जाने वाला वस्तु एवं सेवा कर (गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स या जीएसटी) पर चर्चा की गयी.
★ वित्त मंत्रालय ने जीएसटी का ड्राफ्ट जारी किया है. राज्यों ने जीएसटी मॉडल के ड्राफ्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और तमिलनाडु को छोड़ कर बाकी सभी राज्यों ने जीएसटी का समर्थन करने की बात कही है.

क्या है ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (लाभ का पद) से जुड़ा पूरा विवाद?

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली सरकार के उस बिल को मंजूरी देने से मना कर दिया है, जिसमें संसदीय सचिव की पोस्ट को 'ऑफिस ऑफ प्रॉफिट' से अलग करने का प्रावधान था.

★राष्ट्रपति के इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है. पिछले साल 13 मार्च को अरविंद केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किया था।

=>"क्या है ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (लाभ का पद)"

मानव तस्करी विरोधी विधेयक : ख़ास बातें

★केंद्रीय सरकार ने माना है कि मानव तस्करी भारत में तीसरा सब से बड़ा और गंभीर अपराध है. मानव तस्करी और इस तरह के दूसरे अपराधों की रोक थाम के लिए भारत सरकार ने मानव तस्करी (सुरक्षा, बचाव और पुनर्वास) बिल 2016 का मसौदा जारी किया है. 
★ये बिल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तैयार किया गया है लंबे समय से इसकी ज़रूरत महसूस की जा रही थी.

★दरअसल मौजूदा क़ानून इम्मोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट 1956 के अंतर्गत देह व्यापर तक सीमित था लेकिन इस बिल में इसके दायरे को बढ़ाया गया है और इसमें कई ऐसे अपराधों को शामिल किया गया है जो मौजूदा क़ानून में शामिल नहीं थे:

कॉमन मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी, एक साल के लिए टल गई परीक्षा

- देशभर में कॉमन मेडिकल टेस्ट (NEET) पर अध्यादेश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंजूरी दे दी। अब राज्यों के बोर्ड को एक साल तक NEET से छूट मिल गई है।

सरकार ने छह नये आईआईटी को मंजूरी दी

- तिरूपति, पलक्कड़, धारवाड़, भिलाई, गोवा और जम्मू में छह नये आईआईटी खुलेंगे,

- आईएसएम धनबाद को आईआईटी के रूप में प्रोन्नत किया जाएगा

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तिरूपति (आंध्रप्रदेश), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा और जम्मू में नये आईआईटी को शामिल करने और धनबाद के भारतीय खान विद्यालय को आईआईटी में प्रोन्नत करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 में संशोधन को पिछली तारीख से मंजूरी दे दी ।

 

=>बैंकरप्सी कानून:- क्या, क्यों और किस लिए आवश्यक (Bankruptcy code Act 2016)

संसद ने हाल ही में बैंकरप्सी कोड यानी दिवालियेपन को लेकर विधेयक पारित किया है। बैड लोन के संकट से जूझ रहे बैंकों के लिए इसे खासा अहम माना जा रहा है।

=>"उद्देश्य"

इच्छामृत्यु बिल (Euthanasia Bill) का मसौदा तैयार, सरकार ने बिल को रखा पब्लिक डोमेन में

1. इच्छामृत्यु क्या है? उसके प्रकार

2. इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

3.अरुणा शानबाग का मामला

4. अंतराष्ट्रीय परिपाटी

5. विपक्ष में तर्क और दलीलें

 

राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति को मंजूरी (Intellectual property rights policy)

  • भारत में बौद्धिक संपदा के भावी रोडमैप तैयार करने में सहायता के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति को मंजूरी दे दी।
  • इस  कदम से भारत में रचनात्मक और अभिनव (इनोवेटिव) ऊर्जा के भंडार को प्रोत्साहन मिलेगा तथा सबके बेहतर और उज्जवल भविष्य के लिए इस ऊर्जा का आदर्श इस्तेमाल संभव होगा।

क्या है इस नीति  में :

इन्‍सॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड (Bankruptcy code Bill 2016)

  • कंपनियों के दिवालिया होने से जुड़े इन्‍सॉलवेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड बिल को राज्‍यसभा ने  पास कर दिया
  • क्या फायदा होगा इससे: इस बिल के कानून बन जाने से बैंक आसानी से लोन रि‍कवरी कर सकेंगे। वहीं नई कंपनी खोलने के नियम भी आसान होंगे। यदि इस कानून को एक कानूनी ढांचे के अंदर लागू किया जाए तो भारत में इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाना और आसान होगा।
  • भारत में इन्‍सॉल्‍वेंसी के मामलों में कई सारे कानून काम करते हैं, जिनकी वजह से इससे जुड़ी समस्‍याओं का समाधान करने में देरी होती है। अब नए बैंकरप्‍सी इन्‍सॉल्‍वेंसी कोड कानून के पास होन