जल रिपोर्ट : जल संसाधन प्रबंधन भारत के लिए बड़ी चुनौती

विश्व जल दिवस पर जारी वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छह करोड़ 30 लाख लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पाता है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में यह संख्या सबसे ज्यादा है.

  • विश्व भर के पानी के बारे में जारी एक रिपोर्ट ‘वाइल्ड वाटर’ में कहा गया है कि यह आबादी लगभग ब्रिटेन की आबादी के बराबर की है.

कारण

मानव विकास सूचकांक (HDI) : भारत 188 देशों की सूची में 131वें स्थान पर

HDI Report 

- भारत मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में दुनिया के 188 देशों की सूची में 131वें स्थान पर है। संयुक्त राष्ट्र की HDI रिपोर्ट में यह कहा गया है।

- एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश भारत इस मामले में पाकिस्तान, भूटान और नेपाल जैसे दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों की श्रेणी में शामिल है।

- रिपोर्ट के अनुसार 63 प्रतिशत भारतीय 2014-15 में अपने जीवन-स्तर को लेकर ‘संतुष्ट’ बताये गये हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम सालाना आधार पर रिपोर्ट जारी करता है।

भारत मध्यम मानव विकास’ श्रेणी में

बनेगा नया पिछड़ा आयोग, संसद के पास होगा आरक्षण देने का अधिकार

  • केंद्र सरकार ने पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की बढ़ती मांग को देखते हुए नया आयोग बनाने का फैसला किया है। नया आयोग वर्तमान में मौजूद राष्‍ट्रीय पिछड़ा आयोग की जगह लेगा। इसे संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा वर्तमान में मौजूद ओबीसी आयोग का संवैधानिक दर्जा नहीं है।
  • नए आयोग का नाम नेशनल कमीशन फॉर सोशल एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्‍लासेज (एनएसईबीसी) रखा जाएगा। इस आयोग की सिफारिश के बाद संसद पिछड़ा वर्ग में नई जातियों के नाम जोड़े जाने या हटाए जाने पर फैसला करेगी। इस आयोग के गठन के लिए संविधान संशोधन प्रस्‍ताव पेश किया जाएगा।

अयोध्या राम मंदिर विवादः जानिए इस विवाद का इतिहास, कब -क्या और कैसे

अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर जारी विवाद पर कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इसे लेकर अदालत ने कहा है कि दोनो ही पक्ष कोर्ट के बाहर इस मुद्दे का आपसी सहमति से हल निकालें और ऐसा नहीं होता है तो वो इसमें मध्यस्थता करेगी। इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे का कुछ ऐसा है इतिहास

- 1528 में बाबर ने सीकरी के राजा को हराने के बाद इस मस्जिद का निर्माण करवाया था।

किसान की समृद्धि की राह

# Editorial_Tribune

सरकार पिछले दो वर्षों से किसान की आय को दोगुणा करने के वादे कर रही है। परन्तु किसान की हालत में तनिक भी सुधार नहीं दिखता है। सरकार का फार्मूला है कि किसान को सड़क एवं पानी उपलब्ध कराया जाए जिससे उत्पादन में वृद्धि हो। साथ-साथ फसल बीमा तथा सस्ता ऋण उपलब्ध कराकर किसान की उत्पादन लागत को कम किया जाए जिससे उसकी आय में वृद्धि हो। 

Not just input but output prices also matter

प्रदूषण ने लील ली 48 हजार से अधिक जिंदगी

हाल ही में एन्वायरमेंटल साइंस एंड पॉल्यूशन रिसर्च जरनल में आइआइटी मुंबई की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव तो पड़ ही रहा है, मृत्यु दर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। यह रिपोर्ट बताती है कि:

देशभर में सरकारी अस्पतालों में 10 फीसदी दवाइयों की गुणवत्ता खराब

खबर के मुताबिक दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कराए गए सर्वे में देशभर में सरकारी अस्पतालों में 10 फीसदी दवाइयां घटिया किस्म की होती हैं.

मजदूर संगठन और असंगठित क्षेत्र

#Business_Standard Editorial

Trade Unions in India

इस समय देश में करीब 20,000 मजदूर संगठन ट्रेड यूनियन ऐक्ट ऑफ 1926 के अधीन पंजीकृत हैं। हालांकि इस सूची को अद्यतन किए जाने की आवश्यकता है। देश के तमाम हिस्सों में बिखरे पड़े ये छोटे मजदूर संगठन देश के पांच प्रमुख केंद्रीय मजदूर संगठनों से जुड़े हुए हैं। 

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम शुरू ; 2023 के अंत तक ट्रेन सेवाएं प्रारंभ होने की संभावना

- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा समुद्र के नीचे से गुजरेगा। समुद्र के अंदर सुरंग बनाने का कारण ठाणे और विरार के बीच हरे-भरे इलाके के पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना है। इसके लिए जमीन की ड्रिलिंग कर मिट्टी की जांच का काम शुरू हो गया है।

- साल के अंत तक परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। पिछले दिनो नीति आयोग ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जापानी अधिकारियों ने भी शिरकत की।

सड़क दुर्घटनाएं और भारत ; कारण और निदान

दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। सड़क हादसों में जान गंवाने और घायल होने वालों का आंकड़ा भी सबसे ज्यादा भारत में ही है। संसद में पेश परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी संसदीय समिति के तमाम सुझावों का लब्बोलुआब यह है कि इस समस्या से कड़ाई से निपटा जाना चाहिए। इस मामले में भारत की हालत क्या है इसका अंदाजा रिपोर्ट में उल्लिखित एक तथ्य से लगाया जा सकता है।