एएलके1 प्रोटीन

  • शरीर में कोलेस्ट्राल स्तर को बढ़ाने वाले प्रोटीन
  • यह प्रोटीन रक्त वाहिनियों में लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) या बैड कोलेस्ट्राल लेवल को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
  • एलडीएल के उच्च स्तर से रक्त वाहिनियों को नुकसान पहुंचने के साथ ही हृदय रोग होने का खतरा बढ़ सकता है।
  •  शोधकर्ताओं के अनुसार, शरीर में इस प्रोटीन की मौजूदगी में वाहिनियां वसा और कोलेस्ट्राल के कारण अवरुद्ध होने लगती हैं।
  • यह प्रोटीन  कोशिकाओं में एलडीएल के प्रवेश के लिए राह आसान करता है।
  •  ‘एएलके1 का एलडीएल से सीधा जुड़ाव है। इस खोज से बैड क

कृत्रिम प्रोटीन: टीपीएक्स 2

  • कृत्रिम प्रोटीन से हो सकेगा कैंसर का इलाज
  • ग्लासगो यूनिवर्सिटी और सुकुबा इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में टीपीएक्स 2 नाम की कृत्रिम प्रोटीन तैयार करके उसे कैंसर पीड़ित व्यक्ति में ट्रांसप्लांट किया तो उसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए।
  • इस कृत्रिम प्रोटीन को प्राकृतिक प्रोटीन के संपर्क में रखकर तैयार किया गया। इसके बाद इसे कैंसर इलाज की अरोरा ए तकनीकी के साथ मिलाकर पीड़ित व्यक्ति पर प्रयोग किया गया।
  • यह प्रोटीन कैंसर इलाज में जैविक दवा जैसा काम करेगी। इस कृत्रिम प्रोटीन के इस्तेमाल से जो सकारात्मक परिणाम सामने आए ह

भारत ने बनाया पहला कुष्ठ रोग का 'टीका

भारत में कुष्ठ रोग से हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। कुष्ठ रोग का कोई कारगर इलाज न होने के कारण मरीजों को दर-दर भटकना पड़ता था। लेकिन अब इसका इलाज संभव है क्योंकि देश में अब कुष्ठ रोग का टीका विकसित कर लिए गया है।

इसका नाम है : Mycobacterium indicus pranii (MIP)

भारत में कुष्ठ की स्थिति 

एम-सीएसएफ प्रोटीन:निमोनिया से इलाज की नई खोज

क्या है खोज

शोधकर्ताओं ने एक विशेष प्रोटीन की पहचान की है, जो निमोनिया से लड़ने में मददगार हो सकता है। यह प्रोटीन दरअसल हमारे प्रतिरक्षा तंत्र की क्षमता को बढ़ाकर उसे निमोनिया से निपटने की ताकत देगा। इस नई खोज से चिकित्सकों को घातक संक्रमण के उपचार का एक नया प्रभावी माध्यम मिल सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि निमोनिया का बैक्टीरिया भी अन्य कई घातक बैक्टीरिया की तरह दिनोंदिन अधिक मजबूत होता जा रहा है। समय के साथ वह खुद को एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बनाता जा रहा है। अर्थात उस पर एंटीबायोटिक का असर कम होता जा रहा है। 

स्टेम सेल्स की मदद से डायबिटीज के इलाज की उम्मीद:

टाइप वन और टाइप टू डायबिटीज के मरीजों के लिए स्टेम सेल्स की मदद से इलाज की उम्मीद जगी है।

एनीमिया जांचने की नई तकनीक विकसित

  • आईआईटी के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग ने तीन साल के शोध के बाद तैयार किया है
  • क्या है नई तकनीक में: एनीमिया की जांच 4 इंच की स्ट्रिप से अब 5 से 10 सेकंड में हो जाएगी। सुगर टेस्ट स्ट्रिप की तरह हीमोमीटर में केवल एक बूंद खून की जरूरत होगी। नई स्ट्रिप से घर बैठे हीमोग्लोबिन की जांच हो सकेगी। 
  • नैनो बॉयोइलेक्ट्रॉनिक विधि से यह डिवाइस तैयार की गई है। anemeasource:livehindusta

हेपेटाइटिस बी का ओरल वैक्सीन नैनो कण से तैयार किया

  • एम्स ने एक बड़े अनुसंधान तहत हेपेटाइटिस-बी की रोकथाम और उसके संक्रमण से बचाव की दिशा में  काम किया है
  • एम्स के डॉक्टरों ने पॉलिकैप्रोलैक्टोन नामक पॉलीमर के नैनो कण (पार्टिकल) से हेपेटाइटिस-बी का ओरल वैक्सीन (टीका) तैयार करने में कामयाबी हासिल की है।

क्या है बायोडीज (Biodiesel)

हमारे देश में पेट्रोलियम पदार्थों की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसके कारण हमारा देश 70 प्रतिशत पेट्रोलियम पदार्थों को अन्य देशों से आयात करता है जिसमें प्रतिवर्ष 1600 बिलियन रुपये खर्च किये जाते हैं जो हमारी देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर रहे हैं।

प्रोटीन आइएल-33 : लाइलाज अल्जाइमर के उपचार की दिशा में क़दम

लाइलाज अल्जाइमर के उपचार की दिशा  ब्रिटेन और हांगकांग के शोधकर्ताओं ने एक विशेष तरह का प्रोटीन आइएल-33  की खोज की है जो अल्जाइमर  प्रभाव को पूरी तरह से कम करने में सक्षम है। 

क्या है अल्जाइमर

अल्जाइमर, दिमागी बीमारी है। इससे एक आम इंसान की मानसिक क्षमता में गिरावट आ जाती है| ल्जाइमर बीमारी, दिमाग में एमलौइड नामक प्रोटीन के इक्ट्ठा होने से होती है। यह बीमारी बढ़ती उम्र में होती है।