Case of Marital Rape

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केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि मैरिटल रेप (विवाह संबंध के अंतर्गत होने वाले बलात्कार) को अपराध नहीं घोषित किया जाना चाहिए क्योंकि:

शरियत के नाम पर महिलाओं के मूल अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट

देश में तीन तलाक पर जारी बहस के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे महिलाओं के मूल अधिकारों के खिलाफ बताया है| हाई कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं के समानता के अधिकार के खिलाफ है और कोई भी मुस्लिम पुरुष इस तरीके से तलाक नहीं दे सकता| अदालत ने यह भी कहा कि शरियत के नाम पर महिलाओं के मूल अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता और यह व्यवस्था केवल संविधान के दायरे में ही लागू हो सकती है.

20 साल में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 200 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी

#Times of India

Ø  देश में 1995 से 2015 के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध में 200 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

Ø  इस अवधि में यह आंकड़ा 79,000 से बढ़कर 2.47 लाख हो गया. 

Ø   दो दशक पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर 185.1 प्रति लाख थी जो 2015 में बढ़कर 234.2 हो गई.

केंद्र सरकार का नया नियम, यौन शोषण की शिकार महिला कर्मचारी को मिलेगी 90 दिन की पेड लीव

◆ डीओपीटी ने इस संबंध में हाल में सेवा नियमावली में बदलाव किया है, केंद्र सरकार के अंतर्गत काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए नया नियम लाया गया है।

◆इसके तहत अगर महिला कर्मचारी कार्यस्थल पर यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराती है तो पीड़ित महिला कर्मचारी को 90 दिन की वैतनिक अवकाश (पेड लीव) मिल सकता है।

◆कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस संबंध में हाल में सेवा नियमावली में बदलाव किया है। हालांकि यह विशेष अवकाश तभी तक जारी रहेगी जब तक मामले की जांच की जा रही है।

संसद में पुरुषों की बराबरी करने में महिलाओं को 50 साल इंतजार करना होगा : रिपोर्ट

  • भारतीय संसद में पुरुषों की संख्या की बराबरी करने में महिलाओं को अगले 50 साल तक इंतजार करना होगा. 
  • अंतर-संसदीय संघ और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) वूमेन द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट  में महिला सांसदों की संख्या के लिहाज से दुनिया में भारत का स्थान 148वां है.
  • फिलहाल संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में महिला सांसदों की संख्या केवल 27 यानी 11 फीसदी है.

एशिया में संसद में महिलाओं की भागीदारी 0.5% बढ़ी, सिर्फ भारत ही इसमें पीछे: UN Women रिपोर्ट

 एशिया में पार्लियामेंट में महिलाओं का रिप्रेजेंटटेशन सिर्फ 0.5%बढ़ा है,लेकिन भारत अकेला ऐसा देश है जो 2016 में इस मामले में पिछड़ गया। एक ग्लोबल इंटर-पार्लियामेंट्री इंस्टीट्यूशन की रिपोर्ट में यह कहा गया है। 8 मार्च को इंटरनेशनल वुमंस डे है।

स्ट्रॉन्ग पॉलिटिकल कमिटमेंट की जरूरत...

आसान नहीं है विवाह में सादगी का आदर्श अपनाना

सांसद रंजीता रंजन ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए जो निजी सदस्य विधेयक तैयार किया है उसकी भावना का स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन, उस चुनौती को नज़रंदाज नहीं किया जाना चाहिए जो दहेज विरोधी तमाम कानूनों को ठीक से लागू किए जाने के बारे में भारतीय समाज के सामने लंबे समय से उपस्थित है। हालांकि, शादी में होने वाली फिजूलखर्ची को दहेज से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। दहेज में दबाव और मांग का तत्व होता है और फिजूलखर्ची में सब कुछ मनमर्जी से किया जाता है।