20 करोड़ कुपोषितों की तादाद वाले भारत में हर साल 93 हजार करोड़ रु का खाना बर्बाद हो जाता है

द इकनॉमिक टाइम्स का संपादकीय

सन्दर्भ :- फल, सब्जी और अनाज की बर्बादी कम से कम हो इसके लिए कुछ उपायों पर तेजी से अमल हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए.

निर्भया के चार साल और स्टाफ की कमी से झुझती पुलिस

निर्भया की मौत को चार साल पूरे हो चुके हैं| इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया| और विडम्बना की बात यह है कि इसी 15 दिसंबर को दिल्ली से फिर एक बलात्कार की खबर आई जिसने एक बार यह साबित किया कि पुलिस पूरी क्षमता के साथ गश्त (पेट्रोलिंग) नहीं कर रही है|

पुलिस की शिकायत :

झूठी खबरों के बारे में सचेत रहने की जरुरत

Why in news :

हाल में फेसबुक ने फर्जी खबरों के साथ निपटने के तरीकों की घोषणा की। इनमें विवादास्पद करार दी जाने वाली पोस्ट भी शामिल होंगी और उनकी पुष्टि के लिए तीसरे पक्ष को तथ्य जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।  फेसबुक इस दिशा में भी प्रयास कर रहा है कि फर्जी जानकारियां देने वाली वेबसाइट उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर विज्ञापनों के जरिये कमाई न कर सकें

what is  concern of fake news :

बच्चो के विद्यालयों में पहुँचाने के लिए परिवहन की समस्या

बीते कुछ साल के दौरान आम आदमी शिक्षा के प्रति जागरूक हुआ है, स्कूलों में बच्चों का पंजीकरण बढ़ा है। साथ ही स्कूल में ब्लैक बोर्ड, शौचालय, बिजली, पुस्तकालय जैसे मसलों से लोगों के सरोकार बढ़े हैं।

A serious issue which need to be given attention:

जो सबसे गंभीर मसला है कि बच्चे स्कूल तक सुरक्षित कैसे पहुंचें, इस पर न तो सरकारी और न ही सामाजिक स्तर पर कोई विचार हो रहा है। आए दिन देश भर से स्कूल आ-जा रहे बच्चों की जान जोखिम में पड़ने के दर्दनाक वाकये सुनाई देते हैं।

हिंसा के कारण और उसमें सामाज की भूमिका

लैंगिक समानता की दृष्टि से राजधानी में कितनी जागरूकता:

निर्भया मामले के बाद ऐसा लगा कि देश बदल जाएगा लेकिन जो जहां था वह वहीं है। राजधानी बच्चे व महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं। बस परिचर्चा और चिंता होती है कि इसके लिए भी हम सब जिम्मेदार हैं। क्योंकि जब घटना होती है तब सब जाकरूक हो जाते हैं लेकिन बाद में अमल नहीं होता है। 

सामाजिक मानसिकता इन हिंसाओ के लिए कितनी जिम्मेदार है

दिव्यांग विधेयक 2016

Why in news:

दिव्यांगों से जुड़े विधेयक- नि:शक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक 2014 (राइट्स आफ पर्सन दि डिसएबिलिटी बिल- आरपीडीबी) को संसद ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।दिव्यांग व्यक्ति अधिकार वाला यह विधेयक पुराने दिव्यांग अधिनियम-1995 का स्थान लेगा। इस नए कानून से दिव्यांगों के मौलिक अधिकारों का संरक्षण हो सकेगा। यह विधेयक विकलांग लोगों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के अनुरूप है, जिस पर भारत ने 2007 में हस्ताक्षर किए थे।

Disabled people in India

निर्भया कांड के चार साल बाद भी हमने नहीं सीखे अहम सबक

निर्भया मामले के चार साल बाद भी अगर हालात लगभग जस के तस हैं तो इसकी वजह यह है कि उससे सबक नहीं सीखे गए. (द इंडियन एक्सप्रेस का संपादकीय)

आदिवासी और पोषण

भारत में आदिवासी कुपोषण की चपेट में हैं। डाउन टू अर्थ पत्रिका के शोध कार्य बताते हैं कि कुपोषण के कारण बैगा, उरांव तथा संथालो में बौनेपन की समस्या बढ़ रही हैं। लगभग साठ फीसदी से आदिवासी अधिक बच्चे कुपोषित पैदा होते हैं।