शरियत के नाम पर महिलाओं के मूल अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट

देश में तीन तलाक पर जारी बहस के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे महिलाओं के मूल अधिकारों के खिलाफ बताया है| हाई कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं के समानता के अधिकार के खिलाफ है और कोई भी मुस्लिम पुरुष इस तरीके से तलाक नहीं दे सकता| अदालत ने यह भी कहा कि शरियत के नाम पर महिलाओं के मूल अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता और यह व्यवस्था केवल संविधान के दायरे में ही लागू हो सकती है.

20 साल में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 200 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी

#Times of India

Ø  देश में 1995 से 2015 के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध में 200 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

Ø  इस अवधि में यह आंकड़ा 79,000 से बढ़कर 2.47 लाख हो गया. 

Ø   दो दशक पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर 185.1 प्रति लाख थी जो 2015 में बढ़कर 234.2 हो गई.

हर युवा को जॉब मिलने पर ही देश का रूपांतरण होगा

Ø  नीति (नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर ट्रान्सफार्मिंग इंडिया) आयोग की संचालन परिषद की रविवार को हुई बैठक में देश में बदलाव लाने का अगले 15 साल का रोडमैप पेश हुआ।

Ø   बैठक में त्रिवर्षीय कार्ययोजना(2017-2020) के मसौदे पर चर्चा हुई और जैसाकि सरकार ने एलान किया है कि 31 मार्च 2017 को खत्म होने जा रही 12वीं पंचवर्षीय योजना के बाद तीन वर्षीय योजना लाई जाएगी जो इसी 1 अप्रैल से लागू होगी, जिसमें तीन साल का एक्शन प्लान भी शामिल है।

बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा (संशोधन) का अधिकार विधेयक 2017 संसद में पेश

  •  "बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा (संशोधन) का अधिकार विधेयक 2017" पेश किया।
  • राज्य सरकारें सेवारत अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया जारी रखने में समर्थ नहीं हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक लाया गया है।
  • यह विधेयक प्राथमिक शिक्षकों को अनिवार्य न्यूनतम योग्यता हासिल करने के लिए 2019 तक का समय देने के लिए पेश किया गया है।
  • एक अप्रैल 2010 से लागू मौजूदा कानून के तहत इन शिक्षकों के लिए 31 मार्च 2015 से पांच वर्षों के भीतर न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हासिल करना अनिवार्य है।
  • विधेयक के विषय की व्याख्या और कारण में इसे स्पष्ट किया

मुद्दा : विकास दर ज्यादा जरूरी है या खुशहाली

 संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट-2017’ जारी की है.

  • 155 देशों की इस सूची में भारत पिछले वर्ष की तुलना में चार पायदान फिसल कर 122वें स्थान पर पहुंच गया है. इस रिपोर्ट में दुनिया का सबसे खुशहाल देश नोर्वे बताया गया है. वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट,  2017 में सबसे निचले पायदान पर सीरिया और यमन हैं यानी इन देशों में सबसे कम खुशहाली है.

भारत में मानव तस्करी : तथ्य और वस्तुस्थिति

- वर्ष 2016 में मानव तस्करी के मामलों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहा। दूसरे नंबर पर राजस्थान का नाम आया है। वर्ष 2016 में मानव तस्करी के कुल मामलों में 61 फीसदी मामले दोनों राज्यों के हैं।  वर्ष 2016 में देश में इस तरह के 8,132 मामले दर्ज किए गए थे।

- इनमें पश्चिम बंगाल में 3,576 और राजस्थान में 1,422 मामले थे। राजस्थान के बाद गुजरात में 548 वहीं महाराष्ट्र में 517 मामले दर्ज किए गए।

Education Reforms : शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता अनिवार्य बनाने को सरकार की मंजूरी

- केंद्र सरकार ने शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता अनिवार्य बनाने को अपनी मंजूरी दे दी। इसके तहत अब प्राथमिक पाठशालाओं (आठवीं तक के स्कूल) में नौकरी कर रहे शिक्षकों के लिए एक न्यूनतम योग्यता हासिल करना अनिवार्य होगा।

- इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। हालांकि शिक्षकों को यह प्रशिक्षण हासिल करने की तय अवधि 31 मार्च 2015 से बढ़ाकर 31 मार्च 2019 तक कर दी गई है। यानी उन्हें अब दो साल और मिल गए हैं।

Case Study : गर्ल ट्रैफिकिंग की 135 कोशिश नाकाम कर बच्चों की मसीहा बनी अनोआरा खातून

- 11 साल की एक बच्ची ने बहुत बड़ा सपना देखा था-बाल श्रम, बाल विवाह और कन्या तस्करी मुक्त समाज का। अपने सपने को साकार करने में वह पिछले एक दशक से जुटी हुई है। उसने अब तक 50 बाल विवाह रोके हैं, कन्या तस्करी की 135 कोशिशों को नाकाम किया है और 180 बच्चों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाकर उनके अपनों से मिलाया है। इसके अलावा 400 बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया है। इतने सारे असाधारण कार्य अनोआरा खातून ने किए हैं, जो अब 21 साल की हो चुकी है।

नार्वे दुनिया का सबसे खुशहाल देश, दक्षिण एशिया का सबसे दुखी देश भारत

★संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में नॉर्वे दुनिया का सबसे खुश देश घोषित किया गया है. पिछले साल डेनमार्क इस लिस्ट में पहले नंबर पर था.

★द वर्ल्ड हैप्पिनेस रिपोर्ट' के मुताबिक, किसी देश की खुशहाली जानने का पैमाना समाजिक सुरक्षा, रहन-सहन और न्याय अहम है.

★ खुशी मापने के तरीकों में आर्थिक विकास, सामाजिक सहायता, जिंदगी अपने ढंग से जीने की आजादी, औसत उम्र, उदारता और भ्रष्टाचार जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखा जाता है.

केंद्र सरकार का नया नियम, यौन शोषण की शिकार महिला कर्मचारी को मिलेगी 90 दिन की पेड लीव

◆ डीओपीटी ने इस संबंध में हाल में सेवा नियमावली में बदलाव किया है, केंद्र सरकार के अंतर्गत काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए नया नियम लाया गया है।

◆इसके तहत अगर महिला कर्मचारी कार्यस्थल पर यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराती है तो पीड़ित महिला कर्मचारी को 90 दिन की वैतनिक अवकाश (पेड लीव) मिल सकता है।

◆कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस संबंध में हाल में सेवा नियमावली में बदलाव किया है। हालांकि यह विशेष अवकाश तभी तक जारी रहेगी जब तक मामले की जांच की जा रही है।