13 साल के कम उम्र के बच्चों को स्मार्टफोन बेचने पर पाबंदी की मांग: अमेरिका

#Satyagrah

अमेरिका में छोटे बच्चों को स्मार्टफोन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठ रही है.

Ø  कोलोराडो राज्य के एक गैर-लाभकारी संगठन ‘पैरेंट्स अगेंस्ट अंडरएज स्मार्टफोन’ ने मांग की है कि 13 साल से कम आयु के बच्चों को स्मार्ट फोन की बिक्री न की जाए, ताकि उन्हें इसका लती होने से बचाया जा सके. इस संगठन के संस्थापक टिम फासर्नम ने ‘प्रिजर्वेशन ऑफ नेचुरल चाइल्डहुड’ मुहिम का एक मसौदा भी तैयार किया है. अपने बच्चों में दिखे लक्षणों के आधार पर उनका निष्कर्ष है कि स्मार्टफोन बच्चों पर तंबाकू और शराब जैसे प्रभाव डालता है.

ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए सामान्य सेवा केंद्रों के जरिए टेली-लॉ प्रणाली का शुभारंभ 

Why this:

अलग-थलग पड़े समुदायों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को कानूनी सहायता आसानी से उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार ने ‘टेली-लॉ’ प्रणाली का शुभारंभ किया है।

Ministry:

देश में छह फीसद तंबाकू उपभोक्ता घटे

तंबाकू के खिलाफ छिड़े अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। ग्लोबल एडल्टस टोबैको सर्वे (गैट्स-2)-2017 ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में तंबाकू उपभोक्ताओं की संख्या गत छह वर्षों में छह फीसद तक घट गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन-फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल-वल्र्ड नालेज हब ऑन स्मोकलेस टोबैको (डब्ल्यूएचओ- एफसीटीसी-वल्र्ड नालेज हब) ने इसके लिए भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि इससे आने वाले समय में कैंसर के मामले कम होंगे। साथ ही इससे होने वाली मौतों में भी कमी आएगी।

बच्चों की देखरेख में लगी संस्थाएं और सुप्रीम कोर्ट

#Editorial_danik Bhaskar

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यौन प्रताड़ना का केंद्र बनते जा रहे अनाथालय के एक मामले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमाम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा, यौन प्रताड़ना से बच्चों की रक्षा और बाल अपराध में लिप्त बच्चों की देखरेख और सुरक्षा की बात है।

Direction of SC:

कैदियों को राहत देने की कोशिश

#Editorial_Dianik Tribune

In news:

लंबे समय से जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों को राहत देने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार चर्चा की वजह विधि आयोग है जो जमानत संबंधी कानूनी प्रावधानों में व्यापक परिवर्तन करने की सिफारिश करने जा रहा है।

Recommendations:

सामाजिक और वित्तीय समावेश

पिछले तीन वर्षों के दौरान हमने वंचित लोगों के लिए सामाजिक न्याय के विषय में बुनियादी बदलाव होते देखा है। राजीनति अब कल्याणकारी और मालिकाना पक्ष से हटकर सशक्तिकरण पर अधिक केंद्रित हो रही है। सरकार समाज के सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए कई उपाय कर रही है। इस आलेख में मौजूदा शासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की गई है। इसके तहत सामाजिक न्याय और आमूल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है, जिसके तहत गांव के अंतिम व्यक्ति को लाभ होगा। यह अंत्योदय के सिद्धांतों का परिचायक है। पिछले तीन सालों के दौरान सरकार के वार्षिक वित्तीय बयान यह बताते हैं कि

तीन तलाक और मुस्लिम समाज

पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचना

पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचना का आधार ही स्त्री शोषण है। इस सत्ता को बनाए रखने के लिए औरतों को हमेशा कई तरह के रीति-रिवाजों की बेड़ियों में बांध दिया जाता है। इन रीति-रिवाजों का आधार अधिकतर धार्मिक होता है। सभी धर्मों में यह अपने चरम पर है।

Recent Context: