एडॉप्शन रेगुलेशन, 2017 अधिसूचित

- केंद्र सरकार ने हाल ही में अधिसूचित किया गया एडॉप्शन रेगुलेशन, 2017 लागू हो गया। इसे सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) ने तैयार किया है।

- जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट 2015 की धारा 68 (C) में सुधार किया गया था। इसे 4 जनवरी 2017 में अधिसूचित किया गया था और 16 जनवरी 2017 से इसे प्रभावी होना था। 

- नए नियम गोद लेने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करके देश में गोद लेने के कार्यक्रम को और मजबूत करेंगे। नए नियम अधिकारियों और भावी दत्तक माता-पिता के सामने पेश आने वाले मुद्दों और चुनौतियों को निपटाने के लिए बनाए गए हैं।

भारत से फैले सुपरबग पर किसी ऐंटीबायॉटिक का असर नहीं

★अमेरिका में एक ऐसे भारतीय सुपरबग का पता चला है जिस पर किसी भी ऐंटीबायॉटिक का असर नहीं होता। डॉक्टरों ने इसे न्यू डेली मेटालो-बीटा-लेक्टामेस (NDM) नाम दिया है।

=>क्या है इसकी कहानी:-
★70 साल की एक संक्रमित मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों ने इसका पता लगाया है।

★हाल ही में क 70 वर्षीय अमेरिकी महिला की मौत हुई। यह महिला दो साल पहले अपने थाइ बोन फ्रैक्चर का इलाज कराने दिल्ली आई थी।

भारत की 58 प्रतिशत संपत्ति पर एक प्रतिशत अमीरों का आधिपत्य : ऑक्सफैम

  • ऑक्सफैम द्वारा जारी एक अध्ययन के अनुसार भारत के केवल 57 अरबपतियों के अब कुल 216 अरब डॉलर की संपत्ति है जो देश की करीब 70 प्रतिशत आबादी की कुल संपत्ति के बराबर है।
  • भारत की कुल 58 प्रतिशत संपत्ति पर देश के मात्र एक प्रतिशत अमीरों का आधिपत्य है जो देश में बढ़ती आय विषमता की ओर संकेत करता है। यह आंकड़ा वैश्विक 50 प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।
  • अध्ययन में कहा गया है कि भारत में 84 अरबपति हैं जिनकी कुल संपत्ति 248 अरब डॉलर है। इनमें 19.3 अरब डॉलर की संपत्ति के स

समावेशी विकास सूचकांक में चीन, पाकिस्तान से नीचे भारत, मिला 60वां स्थान

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की एक रिपोर्ट के अनुसार समावेशी विकास सूचकांक में भारत को 60वें स्थान पर रखा गया है।

NGO पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर उचित ही नाराजगी जताई कि आखिर गैर सरकारी संगठनों एवं समितियों के कोष और उनके उपयोग की निगरानी के लिए कोई नियामक व्यवस्था क्यों नहीं है?

देश में नए सिरे से गरीबी रेखा खींचेगी

Why in news:

 नीति आयोग ने तय किया है कि देश में नए सिर से गरीबी रेखा बनाई जाए। इससे गरीबी दूर करने के लिए सरकार की तरफ से उठाए जाने वाले कदमों की कामयाबी और उसकी पहुंच पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

Why this move:

दरअसल, देश में गरीबी रेखा के लिए बनाया गया टास्क फोर्स सालभर तक चली बहस के बाद भी किसी व्यावहारिक और स्वीकार्य उपाय पर एकमत नहीं हो पाया।

शिक्षा की मुहिम में नजरंदाज दिव्यांग बच्चे

#  सम्पादकीय Hindustan times

In news:

संसद द्वारा दिव्यांगों (विकलांगों) के अधिकारों से जुडे़ जिस विधेयक को पारित किया गया है, उसमें दिव्यांग बच्चों के लिए कुछ खास प्रावधान हैं।

नुकसानदायक है सेहत के आंकड़े सुधारने की संकीर्ण सोच

#Editorial of Hindustan Times

NARROW VIEW of Health

किसी देश में लोगों की सेहत का क्या हाल है, इसे आंकने और मापने के हमने तीन-चार पैमाने बना लिए हैं। इन्हीं पैमानों को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। इनमें सबसे अधिक महवपूर्ण हैं-

20 करोड़ कुपोषितों की तादाद वाले भारत में हर साल 93 हजार करोड़ रु का खाना बर्बाद हो जाता है

द इकनॉमिक टाइम्स का संपादकीय

सन्दर्भ :- फल, सब्जी और अनाज की बर्बादी कम से कम हो इसके लिए कुछ उपायों पर तेजी से अमल हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए.

निर्भया के चार साल और स्टाफ की कमी से झुझती पुलिस

निर्भया की मौत को चार साल पूरे हो चुके हैं| इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया| और विडम्बना की बात यह है कि इसी 15 दिसंबर को दिल्ली से फिर एक बलात्कार की खबर आई जिसने एक बार यह साबित किया कि पुलिस पूरी क्षमता के साथ गश्त (पेट्रोलिंग) नहीं कर रही है|

पुलिस की शिकायत :