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The Hindu सम्पादकीय : नया पिछड़ा आयोग का गठन

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह नये आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग (नेशनल कमीशन फॉर सोशियली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेज) गठित होगा। इस नये आयोग को संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा।

* वैकल्पिक ट्रेन सुविधा योजना (विकल्प)*

- वैकल्पिक ट्रेन सुविधा योजना (एटीएएस) की परिकल्पना के साथ-साथ इसका शुभारंभ नवंबर, 2015 में ‘विकल्प’ नाम के तहत किया गया था। इसके तहत प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को एक वैकल्पिक सुविधा दी गई जिसके तहत वे समान रूट पर विशिष्ट समयांतर पर चलने वाली किसी अन्य ट्रेन में कन्फर्म टिकट पा सकते हैं।

- आरंभ में यह योजना दिल्ली-जम्मू और दिल्ली-लखनऊ रूटों के लिए लागू की गई, जिसके तहत केवल इंटरनेट के जरिए ई-टिकट की बुकिंग करने वाले यात्रियों को ही मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ट्रेनों में स्थानांतरित करने की सुविधा दी गई।

DNA बनेगा भविष्य का डाटा बैंक

- वैज्ञानिकों ने डीएनए में कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम, एक लघु फिल्म के साथ कुछ अन्य डेटा संरक्षित किया है। यह प्रगति आने वाले समय में बहुत अधिक कॉम्पैक्ट, बायलॉजिकल स्टोरेज उपकरणों के विकास का वाहक बन सकती है। इन उपकरणों के अगले हजारों वर्ष तक चलने की संभावना है।

- अनुसंधानकर्ताओं के नए अध्ययन में यह बात निकलकर सामने आयी है कि एक मोबाइल पर स्ट्रीमिंग वीडियो के लिए डिजाइन किये गये एल्गोरिदम से डीएनए के पूर्ण स्टोरेज क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने दिखलाया है कि ये प्रौद्योगिकी बहुत अधिक विश्वसनीय है।

भारत में मिला दुनिया का सबसे पुराना पौधे जैसा जीवाश्म

- वैज्ञानिकों ने मध्य भारत में लाल शैवाल का 1.6 अरब वर्ष पुराना जीवाश्म खोज निकाला है जो संभवत: धरती पर मौजूद पौधे के रूप में जीवन का सर्वाधिक पुराना सबूत है.

- स्वीडन के म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के शोधकर्ताओं ने इसे मध्य प्रदेश के चित्रकूट में खोजा है.

- इस खोज से पता चलता है कि आधुनिक बहुकोशिकीय जीवन पूर्व की सोच से बहुत पहले ही पनप चुका था.

- धरती पर जीवन के जो सबसे पहले साक्ष्य मिले हैं, वे कम से कम 3.5 अरब वर्ष पुराने हैं. लेकिन ये एकल कोशिका वाले जीवों के हैं.

जल रिपोर्ट : जल संसाधन प्रबंधन भारत के लिए बड़ी चुनौती

विश्व जल दिवस पर जारी वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छह करोड़ 30 लाख लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पाता है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में यह संख्या सबसे ज्यादा है.

  • विश्व भर के पानी के बारे में जारी एक रिपोर्ट ‘वाइल्ड वाटर’ में कहा गया है कि यह आबादी लगभग ब्रिटेन की आबादी के बराबर की है.

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