समान नागरिक संहिता
अर्से से विभिन्न स्तरों पर समान नागरिकता संहिता को लेकर चर्चा हो रही है। हाल में संविधान दिवस के अवसर पर यह मांग तेज हुई कि अब समान नागरिक संहिता लागू करने का समय आ गया है। इस मांग का कारण यह रहा कि 23 नवंबर, 1948 को लंबे बहस-मुबाहिसे के बाद संविधन में अनुच्छेद 44 को शामिल किया… Read More
मानव विकास रैंकिंग
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की तरफ से जारी रैंकिंग में भारत पिछले साल के 130 के मुकाबले 129 पर पहुंच गया है। भारत इस रैंकिंग में भूटान, बांगलादेश, नामीबिया, नेपाल और पाकिस्तान जैसे देशों के ऊपर काफी ऊपर है। रिपोर्ट में दावा, भारत की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और भारत… Read More
1948 में आज ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी कर इस दिवस को मनाने की बात कही। इस बार इसकी थीम है-मानवाधिकारों के लिए युवा आगे आएं। भारत में 28 सितंबर, 1993 से मानवाधिकार कानून अमल में आया था।
पश्चिमी विचारकों ने मानवाधिकार का प्रथम लिखित दस्तावेज 1215 में ब्रिटेन के शासक जॉन… Read More
1.FIA ने आनंद कुमार को न्यूयॉर्क में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए दिया न्योता! 2.राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ओडिशा में वर्ष 1817 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी हुकूमत के खिलाफ हुए पाइका विद्रोह के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक स्मारक की आधारशिला रखी।
3.संयुक्त राष्ट्र ने प्रत्येक वर्ष 9… Read More
जलवायु परिवर्तन से सिकुड़ रहा है पक्षियों का आकार
लगातार गर्म होती जलवायु के कारण कई पक्षियों को आकार तो सिकुड़ रहा है, लेकिन इनके पंखों का फैलाव ज्यादा होने लगा है। जलवायु परिवर्तन के खतरों का आकलन करने वाले एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है।
अमेरिका की मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं… Read More
चिंताजनक है लड़कियों को समग्र शिक्षा नहीं मिलना
हालिया जारी क्राई की एक रिपोर्ट बताती है कि समाज में लड़कियों को शिक्षा मुहैया कराने के मामले में भेदभाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्कूल छोड़ने वाली हर चार लड़कियों में से एक घर के लिए पैसे कमाती है। हर दस में से एक… Read More
सचमुच संयोग से प्रधानमंत्री बने गुजराल अपनी शालीनता की वजह से सबसे अलग खड़े दिखते थे
जो शख्स महज 11 महीने के लिए प्रधानमंत्री रहा हो उसकी जन्म शताब्दी पर उसे याद करने की जहमत भला क्यों उठाई जाए? ठेठ घायल-दिल उदारवादी इंदर कुमार गुजराल क्या आज के चौड़ी छाती वाले राष्ट्रवादी दक्षिणपंथियों की दुनिया… Read More
आखिर किसके हवाले किए जाएंगे हमारे जंगल?
भारतीय वन अधिनियम 1927 में संशोधन प्रस्तावित है। तो क्या हम यह मान सकते हैं कि भारतीय वन क्षेत्र अत्यंत आवश्यक सुधारों के लिए खड़ा हो रहा है? दुर्भाग्य से ये सुधार सही प्रकार के नहीं हैं। वन क्षेत्र 1990 के दशक से ही विक्षोभ का शिकार है। सुधार के हालिया… Read More
सुशासन का उपकरण है सिटिजन चार्टर
सुशासन प्रत्येक राष्ट्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व है। सुशासन के लिए यह जरूरी है कि प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही दोनों तत्व अनिवार्य रूप से विद्यमान हों। सिटिजन चार्टर (नागरिक अधिकार पत्र) एक ऐसा हथियार है, जो प्रशासन की जवाबदेहिता और पारदर्शिता को… Read More
