- 2,000 करोड़ रुपये : गंगा नदी को साफ करने के लिए 1986-2014 तक विभिन्न सरकारों द्वारा खर्च की गई धनराशि।
- 2,100 करोड़ रुपये : नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए केंद्रीय सहायता
20,000 करोड़ रुपये : 2020 तक गंगा को साफ करने के लिए खर्च की जाने वाली धनराशि।
74,000 करोड़ रुपये : आइआइटी कंर्सोटियम के… Read More
- अधिकांश देशों में तीव्र जनसंख्या वृद्धि के चलते गरीबी, बेकारी बढऩे के साथ कई अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। हालांकि देश के संसाधनों में भी बढ़ोतरी होती है लेकिन जनसंख्या वृद्धि दर की तुलना में वह अपेक्षाकृत नहीं बढ़ पाती। इससे कुछ समय बाद असंतुलन की स्थिति पैदा होती है।
- बड़ी संख्या में युवाओं… Read More
=>संरचनात्मक खामी~
स्वास्थ्य क्षेत्र अपर्याप्त वित्त का शिकार है। साथ ही सामाजिक क्षेत्र में रोग नियंत्रण और अन्य कार्यक्रमों के बीच एकीकरण नहीं है। दवाओं और मेडिकल प्रैक्टिशनर की कमजोर नियामक प्रणाली है। सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है।
=>शिशु मृत्युदर का लक्ष्य~
पूर्व में हर साल दो… Read More
~ मानव विकास के इतिहास में महिलाएं पुरुषों जितना ही आवश्यक रही हैं। वास्तव में किसी समाज में महिलाओं की हैसियत, रोजगार और किया जाने वाला काम देश के समग्र विकास के सूचकांक होते हैं।
- राष्ट्रीय गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी राष्ट्र की सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक विकास ठहर जाता… Read More
- किसी ने सच ही कहा है कि जिस तरह पौधरोपण के सही तरीकों द्वारा पादपों को आकार दिया जाता है उसी तरह से इंसान को सही आकार देने का उचित और एकमात्र माध्यम शिक्षा है। किसी भी देश की तरक्की के विभिन्न चरणों में मानव संसाधनों के विकास और उसके सशक्तिकरण में शिक्षा का अहम स्थान है।
- किसी भी शिक्षा प्रणाली… Read More
=> संस्कृति
- जिस देश, संस्कृति और समाज में नारी को शक्ति, ऊर्जा और देवी का रूप माना जाता हो, वहां उसके सशक्तीकरण की बात करना बड़े विरोधाभास से कम नहीं है? यह आज की हकीकत है।
- 'यत्र नार्यस्तु पूज्यते, रमंते तत्र देवता' सूक्ति सबकी जुबान पर है लेकिन क्या इसे अपने मन, कर्म और वचन में हम आत्मसात… Read More
*महिला सशक्तीकरण** इन आंकडों को कहीं भी फिट कर सकते हैं!!
- मानव विकास के इतिहास में महिलाएं पुरुषों जितना ही आवश्यक रही हैं। वास्तव में किसी समाज में महिलाओं की हैसियत, रोजगार और उनके द्वारा किया जाने वाला काम देश के समग्र विकास के सूचकांक होते हैं। राष्ट्रीय गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी के… Read More
- पिछले दशक में देश में आर्थिक वृद्धि और रोजगार के बीच सीधा संबंध नहीं देखा गया है। देश में तेज आर्थिक वृद्धि तो हुई लेकिन इसके मुकाबले उच्च रोजगार सृजन नहीं हो पाया।
- श्रम मंत्रालय द्वारा इस संबंध में तैयार किए गए एक नोट के मुताबिक पिछले दशक में आर्थिक वृद्धि की वार्षिक दर आठ प्रतिशत रही लेकिन… Read More
