कभी हरित क्रांति का अगुवा रहा पंजाब आज ड्रग्स की समस्या के कारण चर्चा में है।ड्रग्स से लत लोगो की तादाद बहुत बड़ी है।
=>एक नजर आंकड़ो पर:-
★सोसाइटी फ़ॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेज (ए़पीआईएम) के मुताबिक़ पंजाब में ड्रग्स और दवाइयों की लत के चपेट में क़रीब 2.3 लाख लोग हैं. जबकि क़रीब 8.6 लाख़… Read More
शिक्षा के आंकड़ो पर एक नजर:
संख्या के आधार पर देखा जाए, तो दुनिया में भारत की स्कूली शिक्षा-व्यवस्था चीन के बाद दूसरे स्थान पर होगी।
देश के15 लाख स्कूलों में 26 करोड़ बच्चे पढ़ते हैं।
इन 15 लाख स्कूलों में 11 लाख सरकारी और चार लाख प्राइवेट स्कूल हैं।
प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापकों… Read More
सरकारी नौकरियों में अशक्तों की संख्या तीन प्रतिशत से भी कम है।
SC ने सरकार को निर्देश देते हए कहा है की वह ग्रुप ए और ग्रुप बी में सभी चिह्न्ति पदों पर अशक्त लोगांे को तीन प्रतिशत आरक्षण दे।
कोर्ट ने कहा है कि चाहे किसी भी प्रक्रिया से ऐसे पदों को क्यों न भरा जा रहा हो, आरक्षण देना जरूरी है… Read More
- सालाना वित्तीय विवरण नहीं देने वाली गैरसरकारी संस्थाओं (एनजीओ) पर अब सख्ती होगी। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार लगातार दो साल तक वित्तीय ब्योरा नहीं देने वाले एनजीओ से विदेशी चंदा का दस फीसद या दस लाख रुपये (दोनों में से जो कम हो) वसूला जाएगा।
- नए प्रावधानों के तहत साल 31 दिसंबर… Read More
वैसे तो यूनिफॉर्म सिविल कोड की बहस देश में बहुत पुरानी है, लेकिन अब केन्द्र सरकार ने देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। सरकार ने लॉ कमीशन से इसके बारे में राय मांगी है। सबसे पहले हम आपको ये बताते हैं कि इस मुद्दे पर क्या हुआ, उसके बाद हम यूनिफॉर्म सिविल कोड… Read More
- सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड जेंडर को लेकर 2014 में दिए अपने फैसले को दोहराते हुए साफ किया है कि गे, लेस्बियन और बायसेक्शुल थर्ड जेंडर की गिनती में नहीं हैं।
- थर्ड जेंडर केवल ट्रांसजेंडर्स (किन्नर) के लिए ही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने यह बात केंद्र सरकार की उस याचिका पर कही है जिसमें सरकार ने आरक्षण को… Read More
ह्यूमनकैपिटल इंडेक्स' यानी ग्रोथ में लोगों की भागीदारी के मामले में भारत काफी पीछे है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने 130 देशों की सूची में भारत को 105वें स्थान पर रखा है।
पड़ोसी देशों में चीन 71वें नंबर पर है। और तो और, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका भी भारत से ऊपर हैं
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने विकास,… Read More
भारतीय संविधान के अनेक प्रावधानों व अधिनियमों में बच्चों की सुरक्षा की खातिर व्यवस्थाएं की गई हैं। समय-समय पर इस उद्देश्य से नए कानून भी बनाए जाते रहे हैं। इस सब के बावजूद बाल श्रम की समस्या में उत्तरोत्तर वृद्धि होती गई है
बाल श्रम :आंकड़ो पर एक नजर:
सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल साठ… Read More
