भारत में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत बच्चों की प्राथमिक शिक्षा शुरू करने की उम्र 6 साल है लेकिन प्री स्कूल के नाम पर ढाई साल के बाद से ही बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर दिया जाता है
यही वजह है कि प्राइवेट प्ले स्कूलों की तर्ज पर अब इसे सरकारी स्कूलों में भी लागू करने की योजना है. नई शिक्षा नीति… Read More
सीरिया में जारी गृह युद्ध के कारण बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापित होना पड़ रहा है। पिछले पांच सालों से जारी गृह युद्ध का अभी भी कोई अंत निकलता नहीं दिख रहा है। 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के मौके पर जानते हैं शरणार्थी संकट के बारे में।
- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा… Read More
यकीनन यह बेहद खुशी की बात है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज विकास दर वाला देश बन गया है। हाल ही में जारी किए गए नवीनतम अधिकृत डाटा के अनुसार वित्त-वर्ष 2015-16 में भारत की विकास दर 7.6 प्रतिशत थी। यह चीन की 6.7 प्रतिशत विकास दर से बहुत आगे है।
इतना ही नहीं, वित्त-वर्ष की पिछली तिमाही में तो 7.9… Read More
कभी हरित क्रांति का अगुवा रहा पंजाब आज ड्रग्स की समस्या के कारण चर्चा में है।ड्रग्स से लत लोगो की तादाद बहुत बड़ी है\
एक नजर आंकड़ो पर:
सोसाइटी फ़ॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेज (ए़पीआईएम) के मुताबिक़ पंजाब में ड्रग्स और दवाइयों की लत के चपेट में क़रीब 2.3 लाख लोग हैं. जबकि क़रीब 8.6 लाख़ लोगों के… Read More
- एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि बुजुर्ग व्यक्तियों के साथ उनके अपने बुरा बर्ताव करते हैं भले ही उनकी आर्थिक, सामाजिक हालत, स्वास्थ्य स्थिति और परिवार में उनकी भूमिका जो भी हो।
- 15 जून को संयुक्त राष्ट्र बुजुर्ग दुर्व्यवहार दिवस के मौके पर गैर सरकारी संस्था ऐजवेल फाउंडेशन ने भारतीय घरों… Read More
- सामाजिक उद्यमशीलता यानी किसी सामाजिक समस्या को सुलझाने के लिए ऐसा विचार या कारोबारी मॉडल तैयार करना जिससे दोनों पक्षों का कल्याण हो।
सामाजिक उद्यमशीलता यानी किसी सामाजिक समस्या को सुलझाने के लिए ऐसा विचार या कारोबारी मॉडल तैयार करना जिससे दोनों पक्षों का कल्याण हो। भारतीय संदर्भों में यह शब्द… Read More
वर्ष 2013 से पहले कार्यस्थल में यौन उत्पीडऩ जैसी घटनाओं के लिए अलग से कोई कानून नहीं था। इस अधिनियम के आने से स्त्रियों में आशा जागी कि वे अपनी अस्मिता और सुरक्षा की रक्षा करते हुए करियर में आगे बढ सकेेंगी। इसके बावजूद इस कानून को लागू करने की दिशा में सुनिश्चित कदम नहीं उठाए जा सके।
- राष्ट्रीय… Read More
हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती। हर भारतीय इस तथ्य से वाकिफ है, लेकिन बढ़ते उपभोक्तावाद ने तमाम वर्जनाओं को तोड़ दिया है। फैशन के इस दौर में गारंटी चाहने की जैसे किसी की इच्छा भी नहीं हो रही है।
आज हर आदमी उपभोक्ता है। हर आदमी अपनी जरूरत की चीजें और सेवाएं खरीद रहा है। आर्थिक तरक्की के साथ उसके… Read More
★ऑस्ट्रेलिया की मानवाधिकार समूह 'वाक फ्री फाउंडेशन' की ओर से जारी 2016 ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स (वैश्विक गुलाामी सूचकांक) में भारत पहले पायदान पर है.
★भारत में बंधुआ मजदूरी, वैश्यावृत्ति और भीख जैसी आधुनिक गुलामी के शिकंजे में एक करोड़ 83 लाख 50 हजार लोग जकड़े हुए हैं.
★दुनियाभर में महिलाओं और… Read More
- 'द डिपार्टमेंट ऑफ एंपावरमेंट ऑफ पर्संस विद डिसबिलिटीज' अब हिंदी में "दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग" के नाम से जाना जाएगा।
इसके पिछले नाम से "विकलांगजन" शब्द हटा लिया गया है। हिंदी में अभी तक इसका नाम विकलांगजन सशक्तीकरण विभाग था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 27 दिसंबर को अपने "मन की… Read More
