गंगा में लगाई गई डुबकी आपको बीमार कर सकती है

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गंगा को स्वच्छ बनाने के तमाम दावों और अभियानों के बीच ताजा खबर यह है कि इस नदी का पानी अब हरिद्वार में ही नहाने लायक तक नहीं रह गया है. यह जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत एक आवेदन के जवाब में दी है~ सीपीसीबी ने कहा है कि हरिद्वार में गंगा का पानी लगभग सभी मानकों पर विफल रहा है. 

Pollution in GANGA

GM मस्टर्ड के इस्तेमाल को रेग्युलेटर से मिली हरी झंडी

जानें, क्या होती है GM फसल और कैसे होती है तैयार

जेनेटिकली मोडिफाइड (जीएम) फसलों के मामले में भारत लंबे समय से ऊहापोह की स्थिति में है। लेकिन, अब पर्यावरण मंत्रालय की एक कमिटी ने सरसों की जीएम फसल को मंजूरी दी है और इसे सरकार से भी हरी झंडी मिल सकती है।

जीएम फसल क्या होती है और कैसे विकसित किया जाता है ..

आर्कटिक में हो रहे बदलाव के नतीजे

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आर्कटिक (उत्तरी ध्रुव के आसपास स्थित क्षेत्र) की बर्फ तेजी से पिघल रही है. पिछले तीन दशक के दौरान इस इलाके की समुद्री बर्फ में आधे से भी ज्यादा की कमी आ गई है.

·         एक हालिया रिपोर्ट का अनुमान है कि इस तरह यह आर्कटिक 2040 तक बर्फविहीन हो जाएगा.

·         पहले 2070 तक ऐसा होने की बात कही गई थी.

पृथ्वी मातृ को बचाने के लिए भारत की पहल

संयुक्त राष्ट्र 22 अप्रैल को एक विशेष दिवस के रूप में पृथ्वी मातृ दिवस मनाता है। 1970 में10000 लोगों के साथ प्रारंभ किये गये इस दिवस को आज 192 देशों के एक अरब लोग मनाते  हैं। इसका बुनियादी उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा और भविष्य में पीढ़ियों के साथ अपने संसाधनों को साझा करने के लिए मनुष्यों को उनके दायित्व के बारे में जागरूक बनाना है।

टाइगर रिज़र्व के बफर क्षेत्र से हटाई जाएंगी मानव बस्तियां

  • बाघों के निवास के नाजुक माने जा रहे क्षेत्रों या उनके रिज़र्व के मुख्य क्षेत्रों (बफर क्षेत्र) में स्थित मानव बस्तियों और वहां रहने वाले आदिवासियों को जल्दी ही दूसरी जगह स्थानांतरित किया जायेगा.
  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकार (एनटीसीए) ने सभी 50 टाइगर रिज़र्व को निर्देश दिया है।
  • एनटीसीए ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आदिवासियों और पहाड़ी गांवों को स्थानांतरित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
  • एनटीसीए ने कहा है कि वन्यजीव निवास क्षेत्रों की अधिसूचना के लिए दिशानिर्देश के अभाव में बाघों के निवास क्षेत्रों में मनुष्यों के निवास का अधिकार लाग

देश में होगा वैकल्पिक ईधन मेथनॉल का व्यापक प्रयोग, दौड़ेंगे रेल इंजन

  • देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जानेवाली भारतीय रेल के एक बड़े हिस्से में आज भी डीजल इंजन चल रहे हैं। इससे पर्यावरण तो प्रदूषित हो ही रहा है, अर्थव्यवस्था पर भी भार पड़ रहा है। डीजल की उपलब्धता के लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
  • ऐसे में निकट भविष्य में मेथनॉल इसका महत्वपूर्ण विकल्प होगा। रेलगाड़ियों के इंजन मेथनॉल से चलेंगे।
  • हाई पावर डीजल इंजन को मेथनॉल से चलनेवाले इंजन में बदल दिया जाएगा। 
  • पड़ोसी मुल्क चीन में ईंधन से चलनेवाले वाहनों में तकनीकी बदलाव कर मेथनॉल से चलने लायक बनाया है। स्वीडन में पानी के जहाज में भी यह तकनीक कारगर साबित हो चुकी है। इसलिए भारत म