आजकल पर्यावरण संरक्षण का सवाल सबसे अहम् है। इसका मानव जीवन से सीधा सम्बंध है। न तो इसका नाम नया है और न ही इसकी अवधारणा नयी है। यदि इसके शाब्दिक अर्थ के बारे में विचार करें तो पाते हैं कि एक विषेष आवरण जिसे दूसरे अर्थों में हम प्रकृति का आवरण भी कह सकते हैं। वास्तविक अर्थों में यह एक रक्षा कवच है… Read More
कभी हरित क्रांति का अगुवा रहा पंजाब आज ड्रग्स की समस्या के कारण चर्चा में है।ड्रग्स से लत लोगो की तादाद बहुत बड़ी है\
एक नजर आंकड़ो पर:
सोसाइटी फ़ॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेज (ए़पीआईएम) के मुताबिक़ पंजाब में ड्रग्स और दवाइयों की लत के चपेट में क़रीब 2.3 लाख लोग हैं. जबकि क़रीब 8.6 लाख़ लोगों के… Read More
SDG को पूर्ण के लिए क्या आवश्यक
2030 तक एसडीजी-3.1 नामक कार्यक्रम का उद्देश्य जननी मृत्यु दर में काफी कमी लाते हुए इसे प्रति 1 लाख पर 70 की मृत्यु दर तक लाने का है।
इसके अलावा एसडीजी-2.1 कार्यक्रम का ध्येय भी उस साल तक सभी तरह के कुपोषण को खत्म करने का है। इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए केंद्र… Read More
धार्मिक स्थलों पर दुर्घटनाओं की वजह- बढ़ती भीड़, कानून की अवहेलना और कुप्रबंधन है। धार्मिक स्थलों में अतिशबाजी पर प्रतिबंध के साथ ही सुरक्षा, जांच व उपचार की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
1.भीड़ प्रबंधन तंत्र को विकसित किया जाये:- देश की आबादी तेजी से बढ़ रही है, परन्तु धार्मिक स्थलों का क्षेत्रफल… Read More
अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या
राष्ट्रीय अदालत प्रबंधन की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक बीते तीन दशकों में मुकदमों की संख्या दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। अगर यही स्थिति बनी रही तो अगले तीस वर्षों में देश के विभिन्न अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या करीब पंद्रह करोड़ तक पहुंच जाएगी।
रिपोर्ट के… Read More
