पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के अलावा पाकिस्तान के पश्चिमी पंजाब के कुछ इलाकों की पुआल आधारित खेती प्रणाली का दिल्ली के प्रदुषण से नजदीकी नाता है|
समय के साथ विकराल होती पुआल की समस्या :
पहले की तुलना में अब कहीं ज्यादा पुआल पैदा हो रहा है।
इस पुआल को समेट पाना पहले… Read More
फसल अवशिष्ट दहन को हाल में भारतीय महानगरो में प्रदूषण वृद्धि के कारको के रूप में स्वीकार किया गया हैं। नवम्बर - दिसम्बर के समय वायु दाब अधिक होने से दहन से प्राप्त प्रदूषकों का संकेन्द्रण एक ही जगह होता रहता हैं , जो समस्या को और भी बढ़ाता हैं। यद्यपि इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव दिल्ली में होता हैं… Read More
क्यों है खबरों में :
राजधानी दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य के लिए आपातकाल जैसी स्थिति आ गई है। सीएसई की रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदूषण की स्थिति काफी खतरनाक है, ऐसे में बच्चों को घरों के अंदर रखने की जरूरत है।
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए तत्काल कड़े कदम… Read More
पूरी दुनिया में करीब 30 करोड़ बच्चे यानी औसतन सात में से एक बच्चा जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है. ये बच्चे उन इलाकों में रहते हैं जहां सामान्य के मुकाबले छह गुना या ज्यादा वायु प्रदूषण है. यह बात संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की संस्था यूनिसेफ द्वारा सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कही गई है.… Read More
सन्दर्भ :-2020 तक वन्यजीवों की आबादी 50 साल पहले के मुकाबले एक तिहाई ही रह जाएगी. द इंडियन एक्सप्रेस की संपादकीय टिप्पणी
चर्चित संगठन वर्ल्डवाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की एक ताजा रिपोर्ट उन आशंकाओं को आंकड़ों में सामने रखती है जो पर्यावरणविद लंबे समय से जताते रहे हैं. लिविंग प्लानेट… Read More
- गांगेय डाल्फिन को गंगा की पारिस्थितिकी को संतुलित रखने के लिये आवश्यक माना गया है। डाल्फिन मूल रूप से समंदर में पाई जाती है। कुछ सालों पहले तक दुनिया में 88 प्रजातियों में से केवल 4 प्रजातियां ही नदियों के मीठे पानी में पाई जाती थीं, लेकिन मौजूदा समय में उनमें से 3 ही अपने अस्तित्व को बचाने में… Read More
सन्दर्भ :- विश्व की आबादी में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए दुनिया भर में खाद्य उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत
2050 तक विश्व की आबादी लगभग 9.5 अरब हो जाएगी, जिसका स्पष्ट मतलब है कि हमें दो अरब अतिरिक्त लोगों के लिए 70 प्रतिशत ज्यादा खाना पैदा करना होगा। इसलिए खाद्य और कृषि प्रणाली को जलवायु… Read More
- जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत सहित करीब 197 देशों ने जलवायु पर असर डालने वाले एचएफसी का इस्तेमाल कम करने के मुद्दों पर गहन चर्चाओं के बाद इस बारे में कानूनी रूप से बाध्य एक ऐतिहासिक समझौता किया। यह समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
- एचएफसी यानी… Read More
Background:
मांट्रियल प्रोटोकॉल को 1987 में मान्यता दी गई और 1 जनवरी 1989 से यह प्रोटोकॉल प्रभावी रूप से लागू हुआ ।
मांट्रियल संधि का मुख्य उद्देश्य - ओजोन परत के क्षरण का कारण बन रही गैसों यथा CFC's ,HCFC's के उपयोग को चरणबद्ध ढंग से समाप्त करना है । इस संधि में समय-समय पर संशोधन कर इसे और… Read More
सन्दर्भ:- अमीर देशों को समझना होगा कि पेरिस या किगाली जैसे समझौते तभी प्रभावी होंगे जब वे विकासशील देशों को तकनीक देने में उदारता दिखाएँ।
हालांकि इसे होने में सात साल लग गए फिर भी मॉन्ट्रियल संधि को सुधारने और ग्लोबल वार्मिंग में अहम भूमिका निभाने वाले हाइड्रोफ्लोरोकार्बंस (एचएफसी) का उत्सर्जन… Read More
