Recent context
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सहित सभी राज्यों के शिक्षा बोर्डों को इस बात पर सहमत कर लिया है कि इस वर्ष से किसी भी बोर्ड 12वीं कक्षा के अंक मॉडरेट नहीं करेगा। यानी नरमी के साथ अंक बढ़ाकर नहीं दिए जाएंगे।
Meaning of this
विद्यार्थियों को… Read More
#Business_standard
In news:
केंद्र सरकार ने एक मसौदा अनुबंध तैयार किया है जिसमें निजी चिकित्सालयों (Private hospitals) के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा कि वे जिला चिकित्सालयों के साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में सहयोग करें। यह प्रस्ताव नीति आयोग (NITI Ayog) का है। इस मसौदे में स्वास्थ्य… Read More
#Satyagrah
Context
भारत, चीन और भूटान से घिरे डोकलम या डोकला पठार में भारतीय और चीनी सेना तकरीबन डेढ़ महीने से आमने-सामने है. इस बीच भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश के तहत चीन का सरकारी मीडिया लगातार चेतावनी दे रहा है.
Provocation by Chin
चीनी मीडिया ने यहां तक कह दिया है कि भारत को… Read More
#Business_standard
Big question
सवाल यह है कि क्या भारतीय रिजर्व बैंक फंसे हुए कर्ज की वसूली के बारे में गठित एक अद्र्ध-न्यायिक निकाय के सामने शर्तें थोप सकता है? गुजरात उच्च न्यायालय ने भी हाल ही में यह पूछा कि क्या रिजर्व बैंक के पास अधिकरणों के नियमन की शक्तियां मौजूद हैं? रिजर्व बैंक का यह… Read More
#business_standard
Declining role of G20
एक विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर जी-20 की भूमिका एक ऐसी दुनिया में लगातार कम हो रही है जो भूमंडलीकरण के दुष्प्रभावों का सामना कर रही है।
आर्थिक ठहराव, चौतरफा बेरोजगारी, बढ़ती असमानता और संघर्षपूर्ण इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन की… Read More
भारत और चीन के बीच सिक्किम क्षेत्र में सीमा विवाद को लेकर बनी तनातनी से ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि चीन इस स्थिति में किस तरह का रवैया अपनाएगा? चीन के नेतृत्व ने कहा है कि जब तक भारतीय सैनिक उसके इलाके से नहीं हटते हैं, तब तक भारत के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी
Reply of India
इसके… Read More
#Hindustan
देश में लिंग-अनुपात के लगातार कम होने के जो आंकड़े हमारे सामने आ रहे हैं, वे न सिर्फ हमारी मानसिकता बताते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि इसे दुरुस्त करने के सारे सरकारी और गैर-सरकारी प्रयास निरर्थक हो चुके हैं।
उसके लिए चले जन-जागरण और विज्ञापन अभियानों में पैसा भले ही लगा हो, लेकिन… Read More
#Amar_UJALA
Decline of Parliament:
आजकल हमारे देश की संसदीय चर्चाएं मुश्किल से ही प्रभावित करने वाली होती हैं। एक समय था, जब संसदीय बहसें राष्ट्रीय और महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित होती थीं, लेकिन अब इनका विषय संकीर्ण दृष्टि वाले स्थानीय मुद्दे होते हैं। नाममात्र की उपस्थिति, स्तरहीन चर्चाओं,… Read More
