# Editorial_Hindustan_times
सन्दर्भ
सीआरपीएफ के 59 जवानों से जुड़ा है, जो जम्मू-कश्मीर में पांच दिन की बेसिक ट्रेनिंग के बाद अपनी तैनाती पर जा रहे थे, लेकिन बीच सफर, आधी रात में मुगलसराय स्टेशन पर उतरकर वे अपने-अपने घर चले गए। जाहिर सी बात है, इस ब्रेक के लिए उन्होंने कोई पूर्व अनुमति नहीं ली… Read More
#Business_Standard_Editorials
चेन्नई के मरीना बीच पर बैलों से जुड़े पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटाने को लेकर विरोध प्रदर्शन चला। अब यह शांत हो चुका है|
क्या प्रतीकात्मक रीतियों के साथ हमें बने रहना चाहिए
इसमें दोराय नहीं है कि पारंपरिक संस्कृतियों में पर्यावरण को लेकर संवेदना का… Read More
#Business_Standard_Editorials
हाल ही में social media पर आधारित events
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो की ट्विटर पर हो रही चर्चा ने दुनिया भर में न केवल सुर्खियां बटोरीं बल्कि मानव इतिहास के सबसे सफल कारोबारी समझौते नाफ्टा (उत्तरी अमेरिकी मुक्त व्यापार… Read More
#Business_Standard_Editorials
भारत के सामने बिजली-सुरक्षा और प्रदुषण की समस्या
इस समय देश का बिजली उद्योग भारी विडंबना से गुजर रहा है। ऊर्जा के सबसे शुद्घ माध्यमों में से एक सौर ऊर्जा को कमोबेश उन्हीं समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिनसे कोयला आधारित बिजली उत्पादन को जूझना पड़ा है।कोयले से… Read More
#Business_Standard_Editorial
बदलते हुए परिप्रेक्ष्य में रेल परिवहन को बदलने की आवश्यकता
रेलवे ने हमेशा खुद को देश की आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ बताते हुए गर्व अनुभव किया है। एक वक्त था जब रेलवे की हड़ताल एक क्षण में अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर सकती थी और खाद्यान्न, डीजल तथा अन्य अनिवार्य वस्तुओं की… Read More
# Business standard Editorial
देश का निजी कारोबारी जगत जिसे हम इंडिया इंक के नाम से जानते हैं, वह आखिर किस दिशा में बढ़ रहा है? आमतौर पर जारी किए जाने वाले तिमाही नतीजों के आंकड़ों के अलावा आखिर इनके बड़े लक्ष्य क्या हैं? जहां तक संगठनात्मक आकार और ढांचे में तेजी से बदलाव और उसे किफायती बनाने की… Read More
#The_Telegraph का संपादकीय
सन्दर्भ :- खेती पर छाए इस संकट को दूर करने के लिए सिर्फ नीतियों को समावेशी बनाने से काम नहीं चलेगा.
आंकड़े अपनी कहानी खुद कहते हैं. हाल में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने जो आंकड़े जारी किए हैं वे बताते हैं कि देश में किसानों की खुदकुशी के मामले में कहानी जस की तस… Read More
शहरो में परिवहन की समस्या
शहरों में निजी वाहनों की तादाद बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की हिस्सेदारी अपेक्षित स्तर तक नहीं बढ़ पा रही है। इसमें सड़क पर उपलब्ध जगह से जुड़ी बाधाओं की अपनी भूमिका है। शहरों के भीतर आवाजाही को बेहतर बनाने की तमाम कवायदों के बावजूद… Read More
