Daily Current Affairs
दुनिया में जितना पानी उपलब्ध है उसका सिर्फ चार फीसद ही भारत के पास है। इतने में ही भारत पर अपनी आबादी जो दुनिया की आबादी का 18 फीसद है, की पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने का भार है, लेकिन यह भी ध्यान रहे कि करोड़ों क्यूबिक क्यूसेक पानी हर साल बहकर समुद्र में चला जाता है।
नदियों को आपस में… Read More
वाशिंगटन में चौथा परमाणु सुरक्षा सम्मेलन ऐसे वक्त हुआ जब परमाणु हथियार या तकनीक के गैर-जिम्मेदार हाथों में पड़ जाने का खतरा पहले से कहीं अधिक मंडरा रहा है। सम्मेलन में यह चिंता छाई रही।
★ सम्मेलन शुरू होने के बाद खबर आई कि उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। सम्मेलन की प्रासंगिकता… Read More
देश में औसतन हर साल 30 हजार हेक्टेयर खेती योग्य भूमि कम होने और 13 राज्यों के गंभीर सूखे की चपेट में आने के बीच पर्यावरणविदों ने सरकार से मांग की है कि सूखे की समस्या के निपटारे के लिए दीर्घाकालीन पहल करने की जरूरत है और देशभर में जलधाराओं, पुराने जलाशयों, कुओं को जीवंत बनाये जाने की जरूरत है।
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क्या है यह
ठोस कूड़ा एक सामान्य शब्द है जिसका इस्तेमाल उत्पादन प्रक्रिया के दौरान पैदा होने वाले अनुपयोगी सह-उत्पादों के साथ-साथ ऐसी बेकार वस्तुओं के लिए भी किया जाता है जिनकी उनके मालिकों के लिए कोई उपयोगिता नहीं है।
म्युनिसिपल सालिड वेस्ट यानी शहरी ठोस कूड़े का अर्थ ऐसी ठोस बेकार वस्तुओं से… Read More
द इकॉनमिस्ट की crony capitilism पर प्रकाशित रिपोर्ट का आकलन है कि भारत में क्रोनी वेल्थ जीडीपी की 3 प्रतिशत है जो साल 2008 में 18 प्रतिशत हुआ करती था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उस वक्त पूरी दुनिया में क्रोनीइजम चरम पर था। इकॉनमिस्ट की ताजा सूची में भारत नवें स्थान पर आ गया है।
किन पैमानों… Read More
बेतहाशा शहरीकरण और तेजी से हो रहे निर्माण के चलते सैकड़ों तालाबों का अस्तित्व मिट चुका है। तालाबों और झीलों की जगह पार्क, स्कूल, कार्यालय व मकान बनाए जा रहे हैं।
Øदिल्ली में 285 तालाब ऐसे हैं जिन पर अतिक्रमण हो चुका है।
Øविशेषज्ञ बताते हैं कि यमुना की गोद और अरावली की पहाड़ियों के आंचल में बैठी… Read More
सजा की संकल्पना का उद्देश्य
सभ्य समाज में सजा की संकल्पना अपराधियों को सुधारने के लिए की गई है, उन्हें मौत की नींद सुलाने के लिए नहीं। इस संदर्भ में फांसी की सजा वह उद्देश्य पूरा नहीं करती, जिसके लिए इस सजा का प्रावधान किया गया है।
मृत्युदंड का भारत में इतिहास
मृत्युदंड का प्रावधान भारतीय… Read More
