क्या आम बजट के बारे में ये बातें जानते हैं आप

  • एक फरवरी को देश का आम बजट लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस साल बजट में नई बात यह रहेगी कि यह अपनी पारंपरिक तारीख से पहले पेश किया जा रहा है साथ ही रेल बजट भी इसी में सम्मिलित हो गया है।

आइए जानते हैं बजट के बारे में खास बातें

"इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट नियमन के लिए बनाया जायेगी रेगुलेटर अथॉरिटी"

सन्दर्भ :- भारत में एक सक्षम इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली के लिए एक प्राधिकरण स्थापित किए जाने की जरूरत है।

 

- देश में डिजिटल लेनदेन के बढ़ते चलन के साथ सरकार इस क्षेत्र के लिए अलग से नियामक बनायेगी। यह रेगुलेटर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली को समर्थ बनाने के साथ इसके ट्रांजैक्शन शुल्कों का भी नियमन करेगा।

- डिजिटल पेमेंट पर रतन वातल समिति ने सुझाव दिया है कि सरकार को ऐसे भुगतान के नियमन का बंदोबस्त केंद्रीय बैंक के कामकाज से अलग स्वतंत्र रूप से कराना चाहिए।

 

एफडीआई की शर्तें उदार होगी सिंगल ब्रांड रिटेल में

- सरकार बड़ी संख्या में ग्लोबल कंपनियों को आकर्षित करने के मकसद से सिंगल ब्रांड रिटेल सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) के नियमों को आसान बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार इस सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआइ निवेश को मंजूरी दे सकती है।

आगामी आम बजट पर होगी त्रिवर्षीय कार्ययोजना की छाप

  • पंचवर्षीय योजनाएं बंद करने के फैसले के बाद केंद्र सरकार अब इसकी जगह तीन वर्षीय कार्ययोजना शुरू करने की तैयारी कर रही है।
  • पहली त्रिवर्षीय कार्ययोजना अगले वित्त वर्ष 2017-18 से लागू होगी और 2019-20 तक चलेगी।
  •  आगामी आम बजट पर इसकी छाप देखने को मिलेगी। यह बजट एक फरवरी को आएगा।
  • नीति आयोग ने त्रिवर्षीय कार्ययोजना तैयार कर ली है। जल्द ही इसे सार्वजनिक किया जाएगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने, खेती की स्थिति सुधारने और देश में मैन्यूफैक्चरिंग के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई है।
  •  साथ ही, इसमें पहली

डिजिटल ट्रांजैक्शन पर राज्यों की रैंकिंग करेगा नीति आयोग

- डिजिटल ट्रांजैक्शन को लेकर केंद्र सरकार गंभीरता दिखाते हुए इस दिशा में बड़ी पहल करने जा रही है। अब नीति आयोग डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने वाले राज्यों को रैंकिंग देगा। 

- नीति आयोग ने राज्यों से कहा है कि वे अगले 10 दिनों में डिजिटल ट्रांजैक्शन का डाटा जमा करें। इससे कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए उठाए गए कदमों के आधार पर रैंकिंग दी जा सकेगी। 

भारत की 58 प्रतिशत संपत्ति पर एक प्रतिशत अमीरों का आधिपत्य : ऑक्सफैम

  • ऑक्सफैम द्वारा जारी एक अध्ययन के अनुसार भारत के केवल 57 अरबपतियों के अब कुल 216 अरब डॉलर की संपत्ति है जो देश की करीब 70 प्रतिशत आबादी की कुल संपत्ति के बराबर है।
  • भारत की कुल 58 प्रतिशत संपत्ति पर देश के मात्र एक प्रतिशत अमीरों का आधिपत्य है जो देश में बढ़ती आय विषमता की ओर संकेत करता है। यह आंकड़ा वैश्विक 50 प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।
  • अध्ययन में कहा गया है कि भारत में 84 अरबपति हैं जिनकी कुल संपत्ति 248 अरब डॉलर है। इनमें 19.3 अरब डॉलर की संपत्ति के स

समावेशी विकास सूचकांक में चीन, पाकिस्तान से नीचे भारत, मिला 60वां स्थान

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की एक रिपोर्ट के अनुसार समावेशी विकास सूचकांक में भारत को 60वें स्थान पर रखा गया है।

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) के लिये एकीकृत नियामक : RBI

खबरों में

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र :आईएफएससी: से जुड़े विवादों तथा अन्य मुद्दों के समाधान के लिये एकीकृत नियामक और वैश्विक स्तर का कानूनी मसौदा तैयार करने पर जोर दिया। 

पर्यटन क्षेत्र IT सेक्टर को भी पीछे छोड़ सकता है : विशेषज्ञ

  • मौजूदा समय में आईटी क्षेत्र 150 अरब डॉलर का है जो निर्यातोन्मुख है। वहीं पर्यटन उद्योग का आकार 120 अरब डॉलर है और यह साढ़े सात प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
  • भारत में पर्यटन उद्योग सूचना प्रौद्योगिकी :आईटी: क्षेत्र को भी पीछे छोड़ सकता है यदि सही दिशा में कदम उठाए जाएं। मसलन इसे अधिक संगठित बनाया जाए और नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा दिया जाए।
  • Challenge to Indian IT: आईटी सेवाएं वैश्विक स्तर पर काफी प्रतिस्पर्धी हो गई हैं और हम अब क्लाउड और मोबाइल की ओर बढ़ रहे हैं जहां हमारे पास योग्यता नहीं है। हमारे पास उद्यम है, हमारा मानना है कि भारतीय