हमारे देश में कंपनियों का पंजीकरण रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) द्वारा होता है, जो कंपनी मामलों के मंत्रलय (एमसीए) में आता है। मंत्रलय ने कंपनियों के पंजीकरण से लेकर उनके बारे में हर जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जिसे ‘एमसीए-21’ कहते हैं। इसके नाम में 21 का… Read More
इसमें दो राय नहीं कि बीते कुछ वर्षों में भारतीय कूटनीति का तेजी से उद्भव हुआ है। कुछ मायनों में यह वैसा ही है जैसा कि इसे होना चाहिए। प्रभावी कूटनीति का अर्थ ही होता है तमाम तरह के दबावों और अन्य परिस्थितियों में समय पर उचित प्रतिक्रिया देना। हाल के महीनों में देश की कूटनीति में एक नए किस्म की धार… Read More
आइपीओ लाकर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई कंपनी जब अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए शेयर बेचने की पेशकश करती है तो उसे एफपीओ (‘फॉलो ऑन पब्लिक ऑफरिंग’) कहते हैं। कंपनियों के लिए पूंजी बाजार से अतिरिक्त इक्विटी कैपिटल जुटाने का यह एक लोकप्रिय तरीका है। एफपीओ दो प्रकार का होता है- ‘डाइल्यूटेड एफपीओ’ और ‘नॉन… Read More
1.भारतवर्ष में हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
यह दिन 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में समुद्री बल की भूमिका के सम्मान में मनाया जाता है!
2.उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने नई दिल्ली में 'भारतीय पोषण एंथम' का शुभारंभ किया।
इसका लक्ष्य भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए… Read More
जब कोई कंपनी पूंजी जुटाने के लिए पहली बार अपने शेयर सार्वजनिक तौर पर बेचती है तो शेयर बेचने की इस पूरी प्रक्रिया को आइपीओ कहते हैं। आइपीओ लाने से पहले कंपनी को प्राइवेट माना जाता है क्योंकि उसमें बहुत कम निवेशकों की हिस्सेदारी होती है। अमूमन एक प्राइवेट कंपनी में संस्थापक, उनके रिश्तेदार या मित्र,… Read More
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गत सप्ताह औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी। अब इसे चर्चा के लिए संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। यह विधेयक केंद्रीय श्रम मंत्रालय के देश के श्रमिकों से संबंधित कई मौजूदा कानूनोंं को सहज बनाने और संहिताबद्ध करने के वर्ष भर पुराने प्रयासों का हिस्सा… Read More
इस लेख में यह कहने की कोशिश की गई है कि कर संप्रभुता एवं कर पनाहगाह के बीच एक निर्णायक संबंध है। राष्ट्र-राज्य अपनी राजकोषीय नीति और खासकर कर संप्रभुता को सुरक्षित रखते हैं। कोई इसे वक्त की शुरुआत से ही जंग लडऩे के एक वित्तीय स्रोत के तौर पर देख सकता है। पिछली सहस्राब्दी में युद्ध के साथ कर का… Read More
संसद और जनता के प्रति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की जवाबदेही के नजरिये से देखें तो खुदरा मुद्रास्फीति में साल दर साल आधार पर आ रहे बदलावों पर ध्यान देने की बात समझी जा सकती है। यह गैर तकनीकी क्षेत्र के लोगों के लिए भी समझने लायक है। शीर्ष मुद्रास्फीति जनवरी 2019 के 1.97 फीसदी के न्यूनतम स्तर से… Read More
अविश्वसनीय रूप से उर्वरक में किए गए किसानों के निवेश का करीब 70 फीसदी हिस्सा व्यर्थ चला जाता है। इसका कारण चलन से बाहर हो चुके उर्वरक उत्पाद और उनका प्रभावहीन इस्तेमाल है। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला और भारी सब्सिडी पर बिकने वाला नाइट्रोजन-आधारित उर्वरक यूरिया का ही करीब 50-70 फीसदी हिस्सा… Read More
