- उत्तरी ध्रुव पर धरती से 15 से 35 किलोमीटर ऊपर ओजोन लेयर में छिद्र बन गया है। इन गर्मियों में इसके और बढ़ने की आशंका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका इस इलाके समेत दुनिया भर में पर्यावरण पर असर हो सकता है।
- इस बार उत्तरी ध्रुव के ओजोन लेयर वाली परत पर रिकॉर्ड ठंडक रही है। इससे ओजोन लेयर को… Read More
सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की महासागर ऊर्जा प्रणालियों से भारत के जुड़ने को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कार्यान्वयन करने वाले समझौते (आईए) पर हस्ताक्षर कर भारत को अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी - महासागर ऊर्जा प्रणालियों (आईईए-ओईएस) का… Read More
- भारत ने इस साल पेरिस में होने वाले महासम्मेलन से पहले जलवायु परिवर्तन पर अपने रोडमैप की घोषणा कर दी है।
=>कार्बन उत्सर्जन में 33 से 35 फीसदी तक कटौती...
- सरकार ने फैसला किया है कि वह 2030 तक कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता (emission intensity) में 33 से 35 फीसदी कटौती करेगी। यह कमी साल 2005 को… Read More
- इधर कुछ समय से पर्यावरण बचाने को लेकर चल रहे अंतरराष्ट्रीय अभियानों में भारत की भूमिका बेहद अहम हो गई है। अपनी जवाबदेही को भारत ने समझा है इसलिए उसने अपना स्थापित रुख बदलते हुए बाकी देशों के साथ सहयोग की नीति अपनाई है।
- इसका सबूत है जलवायु परिवर्तन पर भारत का रोडमैप, जिसमें 2030 तक कार्बन… Read More
1). जलापूर्ति, साफ-सफाई और स्वच्छता में सुधार:-
- 20-50 लीटर: संयुक्त राष्ट्र के अनुसार रोजाना पीने, खाना बनाने और सफाई में इस्तेमाल के लिए हर एक व्यक्ति को जरूरी पानी,
- 7 में से 1 व्यक्ति को स्वच्छ पेय जल नसीब नहीं और तीन में से एक व्यक्ति पर्याप्त साफ-सफाई से महरूम
- अपर्याप्त जल आपूर्ति, सफाई… Read More
- 225 वर्षों पहले सैमुअल कॉलरिज ने लिखा, ‘हमारे चारों तरफ दूर-दूर तक पानी ही पानी है लेकिन एक बूंद भी पानी पीने के लिए नहीं है।
- कॉलरिज एक नाविक थे। एक बार वह समुद्र के बीचोंबीच कई दिनों के लिए फंस गए। उनके पास पेयजल समाप्त हो गया। इस परिस्थिति में उनका यह कथन उनकी दशा को बयान करने के लिए बिल्कुल… Read More
- मानव निर्मित विषैले पदार्थों के मिट्टी में जमा होने को मृदा प्रदूषण कहा जाता है।
- खरपतवारनाशक कीटनाशक, फर्टिलाइजर, कूड़ा-करकट एवं अपशिष्ट पदार्थ प्रमुख प्रदूषक हैं। आमतौर पर गलत कृषि पद्धतियों के अपनाने की वजह से मिट्टी प्रदूषित होती है और इसका पौधों एवं प्राणियों पर बुरा असर पड़ता है।
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- देश की खाद्य सुरक्षा के दबाव में भारत का कृषि क्षेत्र कार्बन उत्सर्जन घटाने की हालत में नहीं है। सबके लिए भोजन मुहैया कराना फिलहाल प्राथमिकता है। हालांकि उत्सर्जन को कम करने के लिए जैविक खेती और भूमि प्रबंधन, जल संरक्षण व नाइट्रोजन का उपयोग कम करने की जरूरत है। पशुओं के बगैर जैविक खेती संभव नहीं… Read More
