केंद्रीय मंत्रिमंडल ने श्रम आधारित कपड़ा क्षेत्र (टेक्सटाइल) में रोजगार सृजन, विनिर्माण और निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए रियायतों को मंजूरी दे दी।
इसके अलावा प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना (टफ्स) के जरिए पूंजीगत सब्सिडी को जोड़ते हुए उत्पादन प्रोत्साहन भी शुरू किया जाएगा।
कपड़ा और परिधान… Read More
- मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति के अनुसार राजनीतिक हस्तक्षेप निश्चित तौर पर शिक्षा क्षेत्र में खराब परिणाम का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। इसने सुझाव दिया है कि कुलपतियों की नियुक्ति को राजनीति से दूर रखा जाए।
- पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय समिति… Read More
क्यों जरुरी
चुनाव लोकतंत्र की धड़कन तो है, उसके जीवंत होने का प्रमाण तो है, पर उसके स्वस्थ, संपन्न और गुणवत्तापूर्ण होने का प्रमाण नहीं। चुनाव को लोकतंत्र का पर्याय नहीं कहा जा सकता। हमें चुनावों से आगे जाना होगा|
चुनावों द्वारा स्थापित लोकतांत्रिक शैली पर काम करने वाली सरकारों से सुशासन और… Read More
- देश में कीटनाशकों (इनसेक्ट्स के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले मॉस्किटो रिप्लैंट, कॉइल, स्प्रे आदि) का सालाना बाजार चार हजार करोड़ पार कर गया है। साफ है कि घरेलू कीटनाशक घर के हर कोने में पहुंच रहे हैं, क्योंकि लोगों को मच्छर-मक्खी ही नहीं, कॉक्रोच, छिपकली, दीमक आदि सभी इनसेक्ट्स से मुक्ति चाहिए। पर… Read More
भारत गांवों में बसता है। भारत की प्राण-प्रतिष्ठा और आत्मा उसके छह लाख गांवों में स्थापित है। दस में से हर सात भारतीय गांवों में अपनी आजीविका चलाता है।
आजीविका के साधन के रूप में प्रमुख रूप से खेती है। जो साल दर साल घाटे का सौदा बनती जा रही है।
गांव का जीवन दुरुह है। सुविधाएं नहीं हैं।
आय के… Read More
हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती। हर भारतीय इस तथ्य से वाकिफ है, लेकिन बढ़ते उपभोक्तावाद ने तमाम वर्जनाओं को तोड़ दिया है। फैशन के इस दौर में गारंटी चाहने की जैसे किसी की इच्छा भी नहीं हो रही है।
आज हर आदमी उपभोक्ता है। हर आदमी अपनी जरूरत की चीजें और सेवाएं खरीद रहा है। आर्थिक तरक्की के साथ उसके… Read More
