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लोकलुभावनवाद के दौर में देश के 'फंसे हुए' कामगार

financial management npa
लोकलुभावनवाद के दौर में देश के 'फंसे हुए' कामगार वित्तीय प्रबंधन 'फंसी हुई परिसंपत्तियों' की समस्या को लेकर सजग हुआ है। इन संपत्तियों का आशय ताप बिजलीघरों जैसे प्रतिष्ठानों से है जो आर्थिक या राजनीतिक हालात बदलने से समय से पहले ही अनुत्पादक होते जा रहे हैं। मसलन, कोयला संयंत्रों का सवाल है तो… Read More

ईरान विवाद: भारत के लिए सीमित विकल्प

india iran relations
ईरान विवाद: भारत के लिए सीमित विकल्प अमेरिकी हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से खाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। क्षेत्र में 30 सालों में सबसे ज्यादा तनाव की स्थिति देखी जा रही है। ईरान और खाड़ी मामलों के ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में भारत खुद… Read More

छत्तीसगढ़ में एक करोड़ ‘उजाला’ से हर वर्ष 557 करोड़ रुपये की बचत

UJALA SCHEME DLEP ESSL
छत्तीसगढ़ में एक करोड़ ‘उजाला’ से हर वर्ष 557 करोड़ रुपये की बचत उजाला योजना के तहत राज्य में करीब चार वर्ष एक करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब आदि का वितरण किया जा चुका है। इससे करीब इससे व्यस्त समय (पीक ऑवर) में लगभग 279 मेगावॉट बिजली की बचत हो रही है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम : एलईडी वितरण के… Read More

DECEMBER 2019 SECOND EDITION

DECEMBER 2019 SECOND EDITION
DECEMBER 2019 SECOND EDITION CURRENT AFFAIRS MAGAZINE 2019 SEMIMONTHLY CURRENT AFFAIRS MAGAZINE   COVERAGE 16-31  DECEMBER  WITH EDITORIAL INCLUDED INFOGRAPHICS DOWNLOAD CLICK HERE-  https://thecoreias.com/daily-hindi-newspaper-short-notes/

• डेटा विश्वसनीयता हो बहाल

DATA SECURITY, CYBER SECURITY
डेटा विश्वसनीयता हो बहाल यह एक स्वागतयोग्य खबर है कि पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणव सेन की अगुआई में एक उच्चस्तरीय पैनल बनाया गया है जो रोजगार, उद्योग एवं सेवाओं के फिलहाल होने वाले सर्वेक्षणों की पड़ताल करेगा। विभिन्न प्रमुख सरकारी आंकड़ों खासकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आकलन में ये… Read More

बहु-संस्कृतिवाद को उभरते उप-राष्ट्रवाद से गंभीर खतरा

बहु-संस्कृतिवाद को उभरते उप-राष्ट्रवाद से गंभीर खतरा
बहु-संस्कृतिवाद को उभरते उप-राष्ट्रवाद से गंभीर खतरा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर मचा घमासान इस बात की तरफ स्पष्ट इशारा करता है कि सरकार लंबे समय से चली आ रही देश की बहु-संस्कृतिवाद की परंपरा के प्रति गंभीर नहीं है। देश को 'मुस्लिम मुक्त' बनाने की प्रधानमंत्री… Read More

धर्मनिरपेक्षता की उद्घोषणा पहली बार भारत की सड़कों पर नारों के रूप में गूंज रही है

SECULARISM IN INDIA AND WESTERN
धर्मनिरपेक्षता की उद्घोषणा पहली बार भारत की सड़कों पर नारों के रूप में गूंज रही है भारत के इतिहास में पहली बार धर्मनिरपेक्षता शिखर से उद्घोषित नारों तथा नेताओं और बुद्धिजीवियों की चिंताओं के दायरे से निकलकर सड़कों पर उतरे उन आम नागरिकों का युद्धघोष बन गई है जिन पर कि नरेंद्र मोदी सरकार के नागरिकता… Read More

जोतिबा और सावित्रीबाई फुले का संघर्ष भारतीय समाज के समावेशी होने की भी कहानी है

जोतिबा और सावित्रीबाई फुले का संघर्ष भारतीय समाज के समावेशी होने की भी कहानी है
जोतिबा और सावित्रीबाई फुले का संघर्ष भारतीय समाज के समावेशी होने की भी कहानी है यह 1826 की बात है. उस साल महाराष्ट्र के एक ईसाई मिशनरी समूह ने अपने अमेरिकी बोर्ड से अनुरोध किया कि वे किसी अविवाहित और अकेली अमेरिकी महिला को बॉम्बे भेजें, ताकि वहां लड़कियों के लिए एक स्कूल चलाया जा सके. थोड़ी हिचक… Read More

न्यायिक क्षेत्र में आईबीसी की बेहतर समझ जरूरी

insolvency and bankruptcy code (second amendment) bill 2019 the core ias
न्यायिक क्षेत्र में आईबीसी की बेहतर समझ जरूरी बीती कुछ तिमाहियों से देश की आर्थिक तस्वीर खस्ता ही नजर आ रही है। वृद्धि में आए धीमेपन की प्रकृति के चक्रीय या ढांचागत होने को लेकर जो बहस हो रही है वह मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली है। इस आलेख में हम व्यापक चिंताओं से परे इस बात पर ध्यान केंद्रित… Read More

क्यों सबसे अलग है यह नई पीढ़ी

क्यों सबसे अलग है यह नई पीढ़ी
क्यों सबसे अलग है यह नई पीढ़ी   आम तौर पर अलग-अलग पीढ़ियों को संबोधित करने के लिए अलग-अलग नामों का उपयोग होता आया है, जैसे बेबी बूमर्स, जेन एक्स, जेन वाय इत्यादि। हालांकि इन संबोधनों को वैश्विक स्तर पर लागू करने का अर्थ नहीं है। हर देश और संस्कृति का अपना संदर्भ होता है। पश्चिम में विकसित किसी… Read More
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