पहली बार एक महिला अधिवक्ता को प्रमोट कर सर्वोच्च न्यायालय का जज बनाया जाएगा

सर्वोच्च न्यायालय के कोलेजियम ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश के एम जोसफ और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा का नाम उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद के लिए अनुमोदित किया
नियुक्ति होने पर इंदु मल्होत्रा भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में वह पहली महिला वकील होंगी जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम सीधे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश के लिए चुना है. इंदु मल्होत्रा नियुक्ति के बाद सर्वोच्च न्यायालय की सातवीं महिला न्यायधीश होंगी.
वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति आर भानुमती ही एक मात्र महिला न्यायधीश हैं.

किसी भी खाप या व्यक्ति को बालिग लड़के-लड़की की शादी पर सवाल उठाने का हक नहीं : सुप्रीम कोर्ट


सुप्रीम कोर्ट ने अंतरजातीय या गोत्र के भीतर विवाह करने वाले युवक-युवतियों पर किसी भी तरह के हमले को गैर-कानूनी बताया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, ‘अगर कोई बालिग लड़का और लड़की शादी करता है तो कोई खाप पंचायत, व्यक्ति या समाज उन पर सवाल नहीं उठा सकता.’ शीर्ष अदालत एनजीओ ‘शक्ति वाहिनी’ की याचिका पर सुनवाई कर रही है. इसमें ऑनर किलिंग (परिवार के कथित सम्मान के नाम पर हत्या) रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देने की मांग की गई है.

भारत में घटकर 2.2 हुई बच्चे पैदा होने की दर (TFR)

TFR

- हिंदू और मुस्लिमों को छोड़कर देश में रहने वाले अन्य समुदायों में बच्चे पैदा करने की दर में खासी कमी आई है और यह स्तर रिप्लेसमेंट लेवल से भी कम हो गया है। इसका अर्थ यह है कि यदि बच्चे इस रफ्तार से पैदा हुए तो भविष्य में समुदाय की आबादी मौजूदा संख्या से भी कम होगी

इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड


    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न स्वास्थ्य सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों में स्वास्थ्य परिचर्या सूचना के संग्रहण, भंडारण, संचरण, उपयोग आदि में मानकीकरण और एकरूपता, अंतर प्रचालनात्मकता लाने की मंशा से दिसंबर, 2016 (जबकि ईएचआर मानकों का पूर्ववर्ती संस्करण सितंबर, 2013 में अधिसूचित किया गया था) में भारत के लिए इलेक्ट्रोनिक स्वास्थ्य रिकार्ड (electronic health record) मानक संस्करण, 2016 अधिसूचित किए हैं ।

भारतीय समाज संक्रमण के दौर से गुज़र रहा है और ये हाल ही में जारी अवसाद सम्बन्दी रिपोर्ट में देखा भी जा सकता है | भारत के सम्बन्ध में इस समस्या कि समीक्षा कीजिये की भारत का परंपरागत सामाजिक ढांचा किस प्रकार इस समस्या से निपटने में मददगार साबित हो सकता है|

GS PAPER I
INDIAN SOCIETY

भारतीय समाज संक्रमण के दौर से गुज़र रहा है और ये हाल ही में जारी अवसाद सम्बन्दी रिपोर्ट में देखा भी जा सकता है | भारत के सम्बन्ध में इस समस्या कि समीक्षा कीजिये की भारत का परंपरागत सामाजिक ढांचा किस प्रकार इस समस्या से निपटने में मददगार साबित हो सकता है|

राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति, 2017

राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति, 2017 की प्रक्रिया में विविध हितधारकों के साथ विस्‍तृत विचार विमर्श, क्षेत्रीय परामर्श, स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण को केंद्रीय परिषद और मंत्रियों के समूह के अनुमोदन की आवश्‍यकता पर बल दिया गया है। नीति में 2025 तक जन स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यय को उत्‍तरोत्‍तर जीडीपी के 2.5% तक बढ़ाने की परिकल्‍पना की गई है। राज्‍य सरकारों से स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उनके बजट परिव्‍यय को बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया है। राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति, 2017 को लागू करने के लिए एक प्रारूप क्रियान्‍वयन ढांचा भी तैयार किया गया है। सरकार ने स्‍वास्‍थ्‍य नीति को लागू कर

आहार में विविधता की जरूरत : कुपोषण की समस्या कम करने के लिए

NFSA could be a game changer to tackle malnutrition problem in India but some focussed reform should be implemented to revive this programme.


#Businesss_Standard
Recent context
प्रधानमंत्री ने देश में कुपोषण की समस्या कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की गत 25 नवंबर को समीक्षा की। इसमें अधिकारियों ने पोषण के बारे में जागरूकता पैदा करने में मददगार विभिन्न सामाजिक योजनाओं पर जोर दिया। लेकिन एक बड़ा कार्यक्रम है जो इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। वह है राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए)।