- ई-कॉमर्स यह शब्द आपने कई बार सुना होगा, आपको शायद नहीं मालूम आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति ई-कॉमर्स का यूज कर रहा है।
चलिये पहले आपसे पूछ लेते हैं कि आप इंटरनेट पर क्या-क्या करते हैं, तब बाद में बतायेगें कि क्या होता है ई-कॉमर्स -
• क्या आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं ?
• क्या आप इंटरनेट बैंकिग… Read More
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बहु-प्रतीक्षित कोटा सुधार लागू करने की घोषणा की है जिसे पिछले साल अमेरिकी संसद ने मंजूरी दी थी और इससे भारत तथा चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को ज्यादा मताधिकार मिलेंगे.
- अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष द्वारा किया गया सुधार संस्थान के बेहतर संचालन, गतिशील उभरते… Read More
- वर्ष 2012 में किसी भी देश के मुकाबले भारत में सबसे अधिक गरीब आबादी थी लेकिन गरीबी दर के मामले में बड़े गरीब देशों में भारत का क्रम सबसे नीचे है।
- विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 2015 में गरीबों की आबादी घटकर 10 प्रतिशत से नीचे आ सकती है। विश्व बैंक की मानें तो पिछले 25 साल से… Read More
- अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने सुझाव दिया है कि अगर भारत तेज आर्थिक विकास चाहता है तो उसे सुधारों का अगला चरण शुरू कर देना चाहिए।
- तेज और ज्यादा समावेशी विकास हासिल करने के लिए उसे कारोबारी माहौल को भी और आसान बनाना चाहिए।
- मुद्राकोष ने साल 2015 के लिए भारत की विकास दर के अनुमानों को 7.5… Read More
- सर्वोच्च न्यायालय ने अन्य राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने वाले भारी व्यावसायिक वाहनों पर सात सौ रुपए से लेकर तेरह सौ रुपए तक हरित कर लगाने का फैसला सुनाया है।
- इससे पहले राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने भी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर ऐसा टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा था। इसमें यात्री वाहन… Read More
- मुद्रा बैंक का उद्देश्य छोटे उद्यमों को आसान दरों पर 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाना तथा सूक्ष्म वित्तीय संस्थाओं पर नियंत्रण एवं उनका विकास है, जिससे अंतत: देश की उत्पादकता में वृद्धि होगी और रोजगार के अधिक अवसरों का सृजन होगा।
- वित्त वर्ष 2015-16 के बजट भाषण में केन्द्रीय वित्त मंत्री… Read More
- भारत में सुस्त लंबी अवधि में कृषि विकास दर से निपटने के प्रयास में, वर्तमान केंद्र सरकार दूसरी हरित क्रांति के लिए तैयार है।
- लगभग हर दो में से एक भारतीय आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है, फिर भी भारत की अभी भी दुनिया में कुपोषित लोगों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है।
- यह आश्चर्य की बात नहीं है,… Read More
